शादी करने पर इस राज्य की सरकार देगी 11,000 रुपए का चेक, जानें कौन ले सकता है योजना का लाभ
- Authored by: शिवानी कोटनाला
- Updated Feb 6, 2026, 05:14 PM IST
केंद्र और राज्य सरकार की ओर से देश में कई सरकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक जरूरी योजना मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (Mukhyamantri Kanya Vivaah Yojana) है। इस योजना के तहत वधू को 11 हजार रुपए का चेक और मैरिज गिफ्ट दिया जाता है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (Photo: iStock)
Mukhyamantri Kanya Vivaah Yojana: केंद्र और राज्य सरकार की ओर से भारतीय नागरिकों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (Mukhyamantri Kanya Vivaah Yojana) है। इस योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से वधू को अकाउंट पेयी चेक के रूप में 11,000 रुपए की राशि प्रदान की जाती है। साथ ही, मैरिज गिफ्ट के रूप में राशि दी जाती है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना
दरअसल, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को वर्तमान में मध्य प्रदेश सरकार की ओर से चलाया जा रहा है।
इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद लड़कियों, विधवाओं (कल्याणी) और परित्यक्त बहनों को उनके विवाह के समय वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
कितने रुपए देती है सरकार
वधू को अकाउंट पेयी चेक के रूप में 11,000 रुपए की राशि प्रदान की जाती है। इसके अलावा, विवाह उपहार के रूप में 38,000 रुपए की राशि दी जाती है। इसके साथ ही, सामूहिक विवाह आयोजन करने वाली संस्था को प्रति लड़की 6,000 रुपए की राशि भी प्रदान की जाती है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लिए पात्रता
अभिभावक की योग्यता: वधू या वर का अभिभावक मध्य प्रदेश का निवासी होना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि योजना का लाभ केवल राज्य के स्थायी निवासियों को ही मिले।
विवाह की आयु: वधू ने निर्धारित न्यूनतम वैवाहिक आयु पूरी कर ली हो। वर्तमान में लड़कियों के लिए न्यूनतम वैध आयु 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष है।
विधवा या परित्यक्त महिलाएं: वे महिलाएं, जो कानूनी रूप से तलाकशुदा हैं या परित्यक्त हैं, योजना के तहत लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
आय पर कोई प्रतिबंध नहीं: योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार की आय सीमा नहीं है। हालांकि, यह आवश्यक है कि लाभार्थी केवल समूह विवाह कार्यक्रम में भाग लेकर विवाह कराए। यदि विवाह सिंगल या व्यक्तिगत रूप से किया जाता है, तो योजना का लाभ नहीं लिया जा सकेगा।
डॉक्यूमेंट
इस योजना के लिए आवेदक को आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर की जानकारी देनी होगी।
आवेदन प्रक्रिया
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आवेदक को ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत और शहरी क्षेत्रों के लिए नगर निगम/नगर पंचायत/नगर परिषद में जाना होगा।
- आवेदक को संबंधित कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा और उसमें आवश्यक जानकारी भरनी होगी।
- आवेदन पत्र को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित कार्यालय में जमा करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत और शहरी क्षेत्रों में नगर निगम/नगर पंचायत/नगर परिषद।
- ग्रामीण क्षेत्रों में जिलापंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और शहरी क्षेत्रों में नगर निगम के आयुक्त या मुख्य नगर अधिकारी द्वारा एक जांच समिति बनाई जाएगी।
- यह समिति सभी आवेदन पत्रों की पात्रता जांच करेगी और यह तय करेगी कि कौन लाभार्थी समूह विवाह कार्यक्रम में भाग ले सकता है।
- जांच समिति आवेदन पत्रों की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार करेगी। सभी पात्र और अयोग्य आवेदकों का विवरण विवाह पोर्टल में दर्ज किया जाएगा।
- संबंधित स्थानीय निकाय की जिम्मेदारी होगी कि यह प्रक्रिया समूह विवाह कार्यक्रम से 7 दिन पहले पूरी कर ली जाए।
- पात्र जोड़ों के लिए स्वीकृति आदेश और अयोग्य जोड़ों के लिए अस्वीकृति आदेश पोर्टल के माध्यम से जारी किए जाएंगे।
- सभी पात्र आवेदकों को समूह विवाह में उपस्थित होने की सूचना दी जाएगी। अयोग्य आवेदकों को अस्वीकृति और कारण के साथ सूचना भेजी जाएगी।
