यूटिलिटी

बिना टिकट Train में चढ़ गए तो क्या होगा? TTE से डरने की जरूरत नहीं; बस करें ये काम

कई मौकों पर देखा जाता है कि कुछ लोग जल्दबाजी में या टिकट कन्फर्म न होने की स्थिति में बिना टिकट ही ट्रेन में सवार हो जाते हैं, लेकिन यह 'शॉर्टकट' आपको मुसीबत में डाल सकता है। भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक, बिना उचित टिकट के यात्रा करना दंडनीय अपराध है।

Ticketless Travel Rules (1)

ट्रेन में बिना टिकट के यात्रा (Photo: AI Generated)

Indian Railways Rules: भारत में रोजाना 2 करोड़ से ज्यादा लोग ट्रेन से सफर करते हैं। ऐसे में ट्रेन से यात्रा करने के नियम भी स्पष्ट हैं। ट्रेन में सफर कर रहे हैं तो आपके पास वैलिड टिकट होना जरूरी है। लेकिन सवाल यह कि अगर कोई यात्री बिना टिकट (या बिना वैलिड डॉक्यूमेंट) ट्रेन में चढ़ जाता है तो आगे क्या होता है? क्या टीटीई उस यात्री से बदतमीजी कर सकता है? क्या यात्री को अगले स्टेशन पर उतारा जा सकता है? क्या उस यात्री को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को सौंप दिया जाता है? क्या यात्री को जेल की सजा हो जाती है? आपके इन्हीं सभी सवालों के जवाब इस आर्टिकल में देने की कोशिश कर रहे हैं-

टीटीई नहीं कर सकता बदतमीजी

सबसे पहले तो यह जान लें कि भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करना दंडनीय अपराध माना जाता है। बिना टिकट के पकड़े जाते हैं तो आपको किराए के साथ-साथ जुर्माना भी भरना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में भी टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) को बदतमीजी करने का कोई अधिकार नहीं होता। Indian Railways के कर्मचारी होने के नाते टीटीई पर सेवा आचरण नियम (Conduct Rules) लागू होते हैं। उनका काम टिकट जांचना, किराया व पेनल्टी वसूलना और यात्रा को नियमित करना है। वे यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार नहीं कर सकते। वे केवल नियमों के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं।

कहां कर सकते हैं शिकायत

अगर आपको लगता है कि टीटीई आपसे बदतमीजी कर रहा है या अनुचित मांग कर रहा है तो आप रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से भी संपर्क किया जा सकता है।

ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं या नहीं

अगर आप बिना टिकट के यात्रा करते हैं तो पूरा किराया और अतिरिक्त शुल्क भुगतान करने के बाद टीटीई (TTE) की ओर से एक रसीद जारी की जाती है, जिसे आपको यात्रा के दौरान अपने पास रखना होता है। अगर यात्री निर्धारित राशि चुका देता है तो उसे उसी ट्रेन में अपनी यात्रा पूरी करने की अनुमति मिल सकती है, बशर्ते सीट/कोच श्रेणी के नियम पूरे हों। हालांकि, पेनल्टी भरने का मतलब आपकी गलती को माफ किया जाना नहीं मान सकते। यह सिर्फ उस यात्रा को नियमित (regularize) करने की प्रक्रिया है। भविष्य में बार-बार ऐसा करने पर कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।

वहीं अगर आप ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करने पर पकड़े जाने पर जुर्माना भरने से इनकार करते हैं तो ऐसी स्थिति में यात्री को अगले स्टेशन पर उतारा जा सकता है या रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के हवाले किया जा सकता है।

शिवानी कोटनाला
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

End of Article