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UPI और BHIM में क्या है अंतर, कौन बेहतर; कितनी है ट्रांजैक्शन लिमिट

UPI vs BHIM: आप भी अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल ऑनलाइन पेमेंट के लिए करते होंगे। सिंगल टैप में यूपीआई के जरिए पेमेंट करना बेहद आसान है। लेकिन क्या आप भी UPI और BHIM को एक ही समझते हैं। अगर हां तो इस मामले में आप गलत हैं। आपको UPI और BHIM के बीच अंतर समझने की जरूरत है।

UPI VS BHIM (1)

UPI और BHIM में क्या है अंतर (Photo: bhimupi.org.in)

UPI vs BHIM: आज के डिजिटल समय में हर दूसरा व्यक्ति स्मार्टफोन में यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर रहा है। हालांकि, बहुत से लोग UPI और BHIM के बीच के अंतर को ही नहीं समझ पाते। अगर आप भी UPI और BHIM के बीच कंफ्यूज हैं तो अब यह परेशानी नहीं होगी। इस आर्टिकल में दोनों के बीच का अंतर ही बता रहे हैं-

UPI क्या है

UPI का मतलब यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस से है। यह एक इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम है, जिसे National Payments Corporation of India (NPCI) ने डेवलप किया है। NPCI को देश के केंद्रीय बैंक आरबीआई द्वारा नियंत्रित किया जाता है। UPI IMPS इंफ्रास्ट्रक्चर पर बेस्ड है। यूपीआई के जरिए यूजर को किसी भी दो बैंक अकाउंट के बीच पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा मिलती है। यूपीआई का इस्तेमाल यूपीआई ऐप्स जैसे GPay, PhonePe और BHIM के जरिए किया जाता है।

कैसे होती है UPI पेमेंट

जब भी कोई नया यूजर पहली बार किसी यूपीआई ऐप का इस्तेमाल करता है तो रजिस्ट्रेशन के दौरान यूपीआई पिन सेटअप करने की जरूरत पड़ती है। यह पिन यूपीआई पर्नसल आइडेंटिफिकेशन नंबर होता है, जो कि 4-6 डिजिट का पासकोड होता है। इसके बाद यूजर को हर बार सभी बैंक लेन‑देन को ऑथराइज करने के लिए इस यूपीआई पिन को एंटर करने की जरूरत होती है।

यूपीआई पिन को केवल एक ही बार सेट करने की जरूरत होती है। अलग-अलग यूपीआई ऐप्स होने की स्थिति में भी यूपीआई पिन नहीं बदलता। यह सभी ऐप्स के लिए सेम रहता है। किसी ट्रांजैक्शन के दौरान अगर आप गलत यूपीआई पिन डालते हैं तो यह लेन-देन पूरा नहीं हो पाता। वहीं अगर आप अपना यूपीआई पिन भूल जाते हैं और इसे बार-बार एंटर करते हैं तो बैंक आपकी यूपीआई के जरिए पैसे भेजने की सुविधा कुछ समय के लिए बंद कर सकता है। हालांकि, यह सर्विस कुछ ही समय के लिए ब्लॉक रहती है, जिसे बाद में फिर शुरू कर सकते हैं।

BHIM क्या है

BHIM का मतलब भारत इंटरफेस फॉर मनी है। यह एक UPI बेस्ड पेमेंट इंटरफेस है और भारत का अपना पेमेंट ऐप भी है। इस इंटरफेस के साथ यूजर अपनी सिंगल आईडेंटिटी जैसे मोबाइल नंबर या नाम का इस्तेमाल कर रीयल टाइम में फंड ट्रांसफर कर सकता है।

BHIM का इस्तेमाल अलग-अलग कामों में किया जा सकता है-

-यूपीआई के जरिए पैसे का लेन-देन कर सकते हैं-

  • बैंक अकाउंट और IFSC कोड के जरिए पैसे भेज सकते हैं।
  • पेमेंट करने के लिए क्यू आर कोड को स्कैन किया जा सकता है।

-यूपीआई के जरिए मर्चेंट वेबसाइट्स पर बिल पे कर सकते हैं।

-यूपीआई के जरिए फ्लाइट टिकट बुक कर सकते हैं।

-यूपीआई के जरिए मोबाइल को रिचार्ज किया जा सकता है।

-ऐप पर ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री चेक की जा सकती है।

UPI ट्रांजेक्शन लिमिट

UPI के लिए ट्रांजेक्शन लिमिट प्रति लेन‑देन 1 लाख रुपए तक होती है। हालांकि, कुछ विशेष कैटेगरी के UPI लेन‑देन के लिए ट्रांजेक्शन लिमिट 2 लाख रुपये तक भी होती है। जैसे- कैपिटल मार्केट्स, कलेक्शन्स, इंश्योरेंस, विदेशी इनवर्ड रेमिटेंस Initial Public Offering (IPO) और Retail Direct Scheme के लिए प्रति लेन‑देन अधिकतम लिमिट 5 लाख रुपए तक होती है।

शिवानी कोटनाला
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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