दुनिया की सबसे बड़ी फाइनेंशियल इन्क्लूजन पहल का बनें हिस्सा, खुलवाएं 2 लाख इंश्योरेंस वाला बैंक खाता
- Authored by: शिवानी कोटनाला
- Updated Jan 13, 2026, 06:30 PM IST
दुनिया की सबसे बड़ी फाइनेंशियल इन्क्लूजन पहलों में से एक Pradhan Mantri Jan-Dhan Yojana की शुरुआत 28 अगस्त 2014 को की गई थी। इस सरकारी योजना का उद्देश्य नागरिकों को बेसिक सेविंग्स अकाउंट की उपलब्धता, आवश्यकता के आधार पर लोन, लेनदेन सुविधाएं और बीमा तथा पेंशन लाभ प्रदान करना है।
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Pradhan Mantri Jan-Dhan Yojana: केंद्र की ओर से देश के नागरिकों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) है। इसका उद्देश्य नागरिकों को बेसिक सेविंग्स अकाउंट की उपलब्धता, आवश्यकता के आधार पर लोन, लेनदेन सुविधाएं और बीमा तथा पेंशन लाभ उपलब्ध करवाना है। यह सुविधाएं खासकर कमजोर और निम्न आय वर्ग को केंद्र में रखकर बनाई गयी हैं। इस योजना की शुरुआत 28 अगस्त 2014 को, देश के सभी परिवारों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य के साथ की गई थी।
हर परिवार के लिए एक बैंक खाता
योजना के तहत हर परिवार के लिए एक बैंक खाता खोला जाता है। खाता खोलने के लिए न्यूनतम जमा राशि की भी आवश्यकता नहीं होती। इतना ही नहीं, खाताधारकों को डेबिट कार्ड की सुविधा भी दी जाती है। इस योजना के तहत खोले गए खाते में खाताधारक चेक बुक, एटीएम कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी सभी बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकता है। योजना के तहत खोले गए खाते में खाताधारक दुर्घटना बीमा और जीवन बीमा जैसी बीमा योजनाओं का भी लाभ उठा सकता है। योजना के तहत खाताधारकों को 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध होगा हालांकि, 28 अगस्त 2018 से पहले खोले गए खातों के लिए यह कवर 1 लाख रुपए होगा। इसके अलावा, योजना के लाभार्थी 10,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
योजना के लिए पात्रता
हालांकि, इस योजना का लाभ भी पात्रता के आधार पर लिया जा सकता है। अगर आप एक भारतीय हैं और देश में ही रहते हैं तो योजना के लिए आपकी उम्र 10 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए। 10 वर्ष से कम उम्र का बच्चा योजना का लाभार्थी नहीं हो सकता। योजना के लिए आवेदन के लिए आपको केवल आधार कार्ड की जरूरत होगी। इसके लिए बैंक जाकर आवेदन कर सकते हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत पिछले 11 वर्षों में 56.16 करोड़ से अधिक बैक खाते खोले जा चुके हैं, जिसमें अगस्त 2025 तक कुल जमा राशि 26 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा, कुल जन धन खातों में 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के दर्ज किए गए हैं, जो वित्तीय पहुंच में जेंडर समानता को बढ़ावा देने में इस योजना की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।