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दो पीएफ खातों को कैसे करें मर्ज, पैसा निकालने से पहले समझें टैक्स से जुड़ी जरूरी बात

Merge Two PF Accounts: कई बार नौकरी बदलने पर दो पीएफ (Provident Fund) खाते बन जाते हैं। ऐसे में निकासी या ट्रांसफर के समय परेशानी आ सकती है। इसलिए पीएफ खातों को मर्ज करना बेहद जरूरी हो जाता है। इस प्रक्रिया से आपका पुराना बैलेंस नए खाते में ट्रांसफर हो जाता है और ब्याज का लाभ भी सुरक्षित रहता है।

Merge Two PF Accounts

दो पीएफ अकाउंट हैं तो क्या करें (Photo : iStock)

Merge Two PF Accounts: नौकरी की शुरुआत करने के साथ ही कर्मचारी की आय का एक हिस्सा पीएफ अकाउंट में जमा होने लगता है, जो रिटायरमेंट के बाद काम आता है। हर बार नौकरी बदलने के साथ नियोक्ता बदल जाता है इसलिए पीएफ मेंबर आईडी भी बदल जाती है लेकिन UAN (Universal Account Number) एक ही रहता है। हालांकि, कई बार ऐसी भी स्थिति आ जाती है जब किसी व्यक्ति के अलग-अलग कंपनियों में काम करने के दौरान दो UAN बन जाते हैं। ऐसे में पीएफ के फंड को आसानी से एक्सेस करना, ट्रांसफर करना या निकासी करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे मामलों में EPF अकाउंट को मर्ज (merge) करना जरूरी होता है ताकि आपका पूरा बैलेंस एक ही खाते में रहे।

दो UAN हैं तो क्या करें

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि अगर आपके पास दो UAN हैं तो latest UAN (सबसे अंतिम रोजगार से जुड़ा) रखना चाहिए और पुराने UAN से जुड़े पीएफ खाते को नए में मर्ज करना चाहिए। यह प्रक्रिया EPFO के नियमों के अनुसार होती है और इसके लिए Form 13 को ऑनलाइन EPFO के Unified Member Portal पर भरना होता है।

UAN में KYC अपडेट जरूरी

ट्रांसफर सफल रहे इसे सुनिश्चित करने के लिए आपका UAN में KYC अपडेट होना चाहिए। अगर KYC अपडेट नहीं है तो आपको पहले आधार, पैन और बैंक डिटेल्स को Active UAN में जोड़ना होगा। एक बार Form 13 जमा कर देते हैं तो आपका पुराना पीएफ बैलेंस नए खाते में ट्रांसफर हो जाता है।

पीएफ खाता मर्ज करने फायदे

पीएफ खाता मर्ज करने के कई फायदे हैं। जब सारे खाते एक ही UAN में लिंक होते हैं तो एक साथ सभी फंड का लाभ मिलता है। अगर पुराने खातों को मर्ज नहीं किया गया तो हर खाते का ब्याज अलग‑अलग निकल सकता है और कुछ ब्याज टैक्सेबल भी हो सकता है। खासकर अगर संबंधित खाता लंबे समय तक इनओपरेटिव (सक्रिय न होने पर) रहा हो।

अगर आपने अपने सभी पीएफ खातों को नए खाते में ट्रांसफर कर लिया तो आपके पूरे कार्यकाल के योगदान को एक साथ जोड़ा जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर आपने अलग‑अलग संस्थाओं में कुल आठ साल काम किया, लेकिन हर खाते को अलग रखा, तो ब्याज और टैक्स की स्थिति अलग‑अलग हो सकती है। खातों को मर्ज करने पर आपकी कुल सेवा अवधि एक साथ जोड़ दी जाती है, जिससे कई टैक्स लाभ मिलते हैं।

पीएफ खाता मर्ज न करें तो

अगर आप पीएफ खाता मर्ज नहीं करते हैं तो निकासी के समय आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे निकासी का दावा केवल एक नए खाते से ही किया जा सकता है और पुराने खाते की राशि अलग‑अलग तरीकों से निकालनी पड़ सकती है। ऐसे मामलों में फंड का पूरा लाभ नहीं मिल पाता और ब्याज पर टैक्स देना पड़े इसकी संभावना बढ़ जाती है।

शिवानी कोटनाला
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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