ट्रैफिक चालान
दिल्ली वालों के लिए अच्छी खबर है। अगर आप पर पेंडिंग ट्रैफिक चालान है तो आपको भारी छूट मिलने जा रही है। दरअसल, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 8 नवंबर को एक विशेष लोक अदालत की घोषणा की है, जहां वाहन मालिक अपने बकाया ट्रैफिक चालान का भुगतान बेहद रियायती दरों पर कर सकते हैं। आपको बता दें कि यह लोक अदालत विशेष रूप से ट्रैफिक चालानों को निपटारा करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस लोक अदालत में 31 जुलाई 2025 तक के चालान शामिल किए गए हैं। अगर आप भी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का चालान है तो आपके पास इस निपटाने का बेस्ट मौका है। आइए जानते हैं कि आप चालान पर किस तरह छूट पा सकते हैं।
इस तरह मौके का फायदा उठाएं
अगर आप पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का चालान है तो नोटिस डाउनलोड करने के लिए, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट https://traffic.delhipolice.gov.in/notice/lokadalat पर जाएं. आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद, आपको अपने ईमेल या फोन पर एक टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट लेटर प्राप्त होगा। इस लेटर में आपके चालान निपटाने की तिथि और स्थान की जानकारी होगी। इसी जानकारी के आधार पर आप तय लोक अदालत में जाना होगा। आपको बता दें कि लोक अदालत में केवल मामूली यातायात उल्लंघन जैसे सीट बेल्ट न लगाना, बिना हेलमेट चलाना और गलत पार्किंग जैसे मामलों में ही राहत दी जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल 31 जुलाई तक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर सूचीबद्ध और वर्चुअल कोर्ट को भेजे गए चालान ही निपटाए जाएंगे। लोक अदालत 8 नवंबर से राजधानी के सभी सात न्यायालय परिसरों में आयोजित की जाएगी। चालान सोमवार (3 नवंबर) से सुबह 10 बजे से डाउनलोड किए जा सकेंगे।
प्रतिदिन 50,000 चालान की सीमा है, जिसका अर्थ है कि अगर यह सीमा पूरी हो जाती है, तो आपको अपने चालान डाउनलोड करने के लिए अगले दिन वेबसाइट पर वापस आना होगा। चालान डाउनलोड करने की इस पूरी प्रक्रिया में अधिकतम 2 लाख चालान हो सकते हैं।
अगर सीमा समाप्त हो जाती है, तो स्क्रीन पर निम्न संदेश दिखाई देगा: "50,000 नोटिस/चालान की दैनिक डाउनलोड सीमा पूरी हो गई है। कृपया कल सुबह 10 बजे पुनः प्रयास करें। 7 नवंबर, 2025 से नोटिस/चालान पुनर्मुद्रित किए जा सकेंगे।" सितंबर में आयोजित एक हालिया लोक अदालत में, दिल्ली यातायात पुलिस की वेबसाइट से 1.8 लाख चालान (1.24 लाख नोटिस और 55,000 चालान सहित) डाउनलोड किए गए थे।
मिल जानकारी के अनुसार, दिल्ली में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े करीब 3.5 करोड़ से अधिक चालान लंबित है। इन चालानों को निपटारा करने के लिए हर महीने लोग अदालत लगाने की तैयारी है। जल्द ही इसका ऐलान किया जा सकता है।
लोक अदालत एक ऐसी न्याय व्यवस्था है, जहां विवादों को अदालत के बाहर तेजी से और बिना किसी अतिरिक्त खर्च के सुलझाया जाता है। यहां न्यायाधीश, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता आपसी सहमति से मामलों का समाधान करते हैं। लोक अदालत में दिया गया फैसला कानूनी रूप से मान्य होता है और उसकी वैधता सिविल कोर्ट के आदेश के समान होती है।