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कन्फर्म टिकट कैंसिल करने का क्या है गणित? जानें Train छूटने से 48 घंटे पहले रिफंड के नियम

IRCTC Refund Rules 2026: सफर की प्लानिंग तो हम सब बड़े उत्साह के साथ करते हैं, लेकिन कई बार अचानक प्लान बदल जाता है और हमें अपनी कन्फर्म ट्रेन टिकट कैंसिल करनी पड़ती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर जेब से कितने पैसे कटेंगे और कितना रिफंड वापस मिलेगा?

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टिकट कैंसिल करने पर कितना पैसा कटेगा (Photo: iStock)

IRCTC Refund Rules 2026: भारत में रोजाना 2 करोड़ से ज्यादा लोग ट्रेन से सफर करते हैं। भारतीय रेलवे की ओर से यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा दी जाती है। हालांकि, कई बार ऐसा होता है कि यात्रियों को अपनी यात्रा को कैंसिल का फैसला लेना पड़ जाता है। ऐसे में कन्फर्म टिकट कैंसिल करने को लेकर नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। रेलवे नियमों के अनुसार, निर्धारित प्रस्थान समय से 48 घंटे पहले ऑनलाइन कैंसिलेशन पर प्रति यात्री फ्लैट दर से न्यूनतम शुल्क काटा जाता है।

किस क्लास पर कितना चार्ज?

  • Executive Class (EC): 240 रुपए प्रति यात्री + GST
  • AC Chair Car (CC): 180 रुपए प्रति यात्री + GST

अगर कोई यात्री अपनी ट्रेन टिकट कैंसिल करता है और वह निर्धारित प्रस्थान समय से 48 घंटे पहले कैंसिल करता है, तो Executive Class (EC) के लिए प्रति यात्री 240 रुपए + GST का कैंसलेशन चार्ज काटा जाता है।

वहीं, AC Chair Car (CC) के लिए प्रति यात्री 180 रुपए + GST का फ्लैट रेट चार्ज निर्धारित है। इसका मतलब है कि टिकट कैंसिल करने पर यह राशि कटकर ही रिफंड दी जाएगी।

अगर आपने EC में दो यात्रियों का टिकट बुक किया है और 48 घंटे से पहले कैंसिल करते हैं, तो 240 × 2 = 480 रुपए के साथ लागू GST कटेगा। इसी तरह CC में दो यात्रियों पर 360 रुपए + GST की कटौती होगी। बाकी बची राशि आपके भुगतान माध्यम (जैसे UPI/कार्ड/नेट बैंकिंग) में वापस कर दी जाती है।

फ्लैट चार्ज का मतलब क्या है?

फ्लैट चार्ज का अर्थ है कि कटौती टिकट के किराए के प्रतिशत पर नहीं, बल्कि तय निश्चित राशि पर आधारित है। चाहे किराया अधिक हो या कम, 48 घंटे से पहले कैंसिलेशन पर ऊपर बताई गई तय राशि ही प्रति यात्री काटी जाएगी (GST अलग से जोड़ा जाएगा)। इससे यात्रियों को पहले से स्पष्ट अनुमान मिल जाता है कि कितनी रकम कटेगी।

समय सीमा क्यों अहम है?

कैंसिलेशन चार्ज समय के साथ बदलता है। 48 घंटे से कम बचे होने पर कटौती का अलग स्ट्रक्चर काम करता है और अक्सर अधिक भी हो सकता है। इसलिए अगर यात्रा निश्चित नहीं है, तो जितना जल्दी हो सके टिकट रद्द करना समझदारी है। इससे रिफंड अधिक मिलता है और अनावश्यक नुकसान से बचाव होता है।

रिफंड कब तक मिलता है?

ऑनलाइन कैंसिलेशन के बाद रिफंड आमतौर पर कुछ वर्किंग डे में प्रोसेस हो जाता है। सटीक समय बैंक/भुगतान माध्यम पर निर्भर करता है। रिफंड स्टेटस देखने के लिए अपने बुकिंग अकाउंट में लॉग-इन कर PNR या ट्रांजैक्शन हिस्ट्री चेक करें।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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