बेटी के जन्म पर 21000 रुपए देगी सरकार, पढ़ाई का भी उठाएगी पूरा खर्च
- Authored by: शिवानी कोटनाला
- Updated Feb 3, 2026, 03:53 PM IST
देश में केंद्र और राज्य सरकार बेटियों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। इन्हीं में से एक 'बेटी है अनमोल' योजना है, जो कि बीपीएल परिवारों की बेटियों के लिए एक बड़ा सहारा है। जुलाई 2010 से प्रभावी इस कल्याणकारी योजना के तहत, सरकार हर बेटी के जन्म पर 21,000 की राशि बैंक या डाकघर खाते में जमा करती है और स्नातक स्तर तक सालाना छात्रवृत्ति देती है।
बेटी है अनमोल योजना (Photo: iStock)
देश में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से नागरिकों के लिए कई सरकारी योजनाएं चलाई जाती हैं। यह योजनाएं कई बार समाज के किसी खास वर्ग से जुड़ी होती हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक 'बेटी है अनमोल' योजना (Beti Hai Anmol Scheme) है।
क्या है 'बेटी है अनमोल' योजना
बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए 'बेटी है अनमोल' योजना हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जाती है। जुलाई 2010 में शुरू की गई यह योजना विशेष रूप से बीपीएल (BPL) परिवारों की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी शिक्षा में मदद करने के उद्देश्य से लाई गई है। इसके तहत, एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों के जन्म पर सरकार उनके बैंक या डाकघर खाते में 21,000 रुपए जमा करती है। इसके साथ ही, कक्षा पहली से लेकर स्नातक (Graduation) तक की पढ़ाई के लिए किताबों और वर्दी जैसे खर्चों के लिए 450 से 5000 रुपए सालाना तक की छात्रवृत्ति भी दी जाती है, ताकि बेटियां बिना किसी आर्थिक तंगी के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
कब कितनी मिलती है राशि
इस योजना के तहत बेटी के जन्म के समय ही 21000 रुपए की राशि माता-पिता को दे दी जाती है। इसके बाद बेटी की पढ़ाई शुरू होने के साथ पहली से तीसरी कक्षा में पढ़ रही बेटी को 450 रुपए दिए जाते हैं। स्कूल जा रही बेटियों को चौथी क्लास के लिए 750 रुपए, पांचवी कक्षा के लिए 900 रुपए, छठी और सातवीं कक्षा के लिए 1050 रुपए, आठवीं कक्षा के लिए 1200 रुपए,नौंवी-दसवीं के लिए 1500 रुपए, ग्यारवीं-बारहवीं के लिए 2250 रुपए, बीए-बीकॉम-बीएससी और बीई, बीटेक, एमबीबीएस के लिए 5000 रुपए की राशि दी जाती है। बेटियों को यह राशि सालाना दी जाती है।
योजना के लिए पात्रता
- लाभ पाने वाली बच्ची हिमाचल प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- यह योजना केवल गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों की बेटियों के लिए है।
- एक BPL परिवार से केवल दो बेटियां ही इस योजना की पात्र होंगी।
- जिन लड़कियों का जन्म 5 जुलाई 2010 के बाद हुआ है, वे इस योजना का लाभ ले सकती हैं।
- योजना का लाभ लेने के लिए लड़की की शादी 18 साल की उम्र से पहले नहीं होनी चाहिए।
कैसे करें आवेदन
- आवेदन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक (https://edistrict.hp.gov.in/pages/services/designForm/InfoPages/Beti_Hai_Anmol_Yojna.xhtml) के जरिए किया जा सकता है।
- फॉर्म भरने के बाद उसे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को जमा करना होगा।
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्ची के नाम से डाकघर या बैंक में खाता खुलवाएगी।
- बच्ची के 18 वर्ष पूरे होने पर पूरी राशि उसे दे दी जाएगी।
- छात्रवृत्ति पाने के लिए, स्कूल में प्रवेश के बाद माता-पिता को स्कूल हेडमास्टर को आवेदन लिखना होगा।
- यह आवेदन स्कूल के प्रधानाचार्य के माध्यम से 'बेटी है अनमोल योजना' के प्रोजेक्ट ऑफिसर को भेजा जाएगा, जहां से इसे स्वीकृति मिलेगी।