कोरोना के डर से सुनसान हुआ मुंबई का रेड लाइट एरिया, यूं बीत रही सेक्स वर्कर्स की जिंदगी

दुनिया भर के ज्यादातर व्यवासायों को कोरोना वायरस के कहर का सामना करना पड़ रहा है। लोग घरों में कैद हो गए हैं और सब कुछ ठप पड़ गया है। इस बीच एक नजर मुंबई में वैश्यावृत्ति पर हुए कोरोना के असर पर।

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • कोरोना वायरस ने चौपट किया वैश्यावृत्ति का व्यवसाय, पड़ा गंभीर असर
  • रेड लाइट एरिया में आने से डर रहे लोग, सता रहा संक्रमण का डर
  • इलाके के अन्य व्यवसायों में भी आई गिरावट, पसरा सन्नाटा

मुंबई: कोरोनो वायरस ने दुनिया भर के कई व्यवसायों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और मालिकों को नुकसान उठाना पड़ा है। लोगों ने खुद को घरों के अंदर सीमित कर लिया है और वे COVID -19 संक्रमण के प्रसार के बीच सार्वजनिक जगहों और यात्राओं पर जाने से भी बच रहे हैं। मुंबई के प्रसिद्ध रेड-लाइट एरिया कामठीपुर में भी कोरोनो वायरस की वजह से झटके महसूस किए जा रहे हैं।

कामाथुर जाने से डरते हैं ग्राहक
क्षेत्र के कई सेक्स वर्करों ने अपने पेशे को बंद करने का फैसला किया है और स्थिति में सुधार होने तक एक अस्थाई अवधि के लिए इलाका छोड़ दिया है। इसके अलावा, इस क्षेत्र में ग्राहकों की संख्या में तेज गिरावट देखी गई है। यहां आने वाले लोगों को डर है कि वे सेक्स वर्करों से वायरल संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं जो अपने पेशे के कारण कई अज्ञात लोगों के संपर्क में रहती हैं।

कोरोनो वायरस संकट ने मुंबई में वेश्यावृत्ति के कारोबार को मुश्किल में डाल दिया है, यहां अधिकांश लोग संघर्ष कर रहे हैं। ग्राहकों की संख्या में गिरावट के कारण सेक्स वर्कर भोजन, किराए और अन्य आवश्यक खर्चों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं कमा पा रही हैं। इसलिए, उनमें से अधिकांश अस्थाई रूप से अपनी मूल जगहों पर वापस चली गई हैं, जहां वे आई थीं।

मुंबई समाचार से बात करते हुए, एक यौनकर्मी ने कहा कि स्थिति खराब हो गई है जहां उनका बचना बहुत मुश्किल है। पूरे क्षेत्र में चारों ओर बहुत कम लोगों के साथ एक सुनसान माहौल देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि जो लड़कियां अभी भी व्यवसाय कर रही हैं, वे वायरस के खिलाफ कुछ आवश्यक सावधानी बरत रही हैं।

अन्य व्यवसाय भी प्रभावित
कामठीपुरा स्थित एक दर्जी ने कहा कि कोरोना वायरस संकट ने उसके व्यवसाय को भी प्रभावित किया है। वह मुख्य रूप से स्थानीय यौन कर्मियों के कपड़े सिलाई करके पैसे कमाते थे। अब जब उनके ग्राहक बेरोजगार हैं, तो वह शायद ही पैसा कमा रहे हों। उन्होंने कहा कि COVID-19 के प्रकोप से क्षेत्र में सिलाई व्यवसाय में करीब 40 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

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