7000 रुपए कमाने वाले शख्स से IT विभाग ने मांगा 134 करोड़ रुपए की लेनदेन का ब्योरा

Income tax: मध्य प्रदेश के 29 साल के एक युवक से आयकर विभाग ने नोटिस भेजकर 134 करोड़ रुपए की लेनदेन की जानकारी मांगी है। शख्स का कहना है कि उसके साथ फ्रॉड हुआ है, जब ये लेन-देन हुए उसका वेतन 7000 था।

Ravi Gupta
रवि गुप्ता  |  तस्वीर साभार: ANI

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के भिंड जिले के 29 साल के रवि गुप्ता को 2011-12 में मुंबई में उनके पैन नंबर से खोले गए व्यापार खाते में किए गए 134 करोड़ रुपए के लेन-देन की जानकारी देने के लिए इनकम टैक्स नोटिस मिला है। गुप्ता ने कहा कि उसे इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि खाता कैसे खोला गया। उनका मानना है कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है क्योंकि उनका वेतन उन दिनों 7,000 रुपए प्रति माह था।

'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के अनुसार, गुप्ता को 30 मार्च, 2019 को पहला कर नोटिस मिला। इसमें बताया गया कि 2011-12 के लिए उनकी आय कर योग्य थी। रवि ने बताया, 'मैंने इसे नजरअंदाज कर दिया क्योंकि उस साल मेरा वेतन कर योग्य नहीं था। फिर, मुझे जुलाई में एक और नोटिस मिला। मैं चकरा गया, जांच करने के लिए मैंने छुट्टी लेनी शुरू कर दी। मैंने मामले की जानकारी एकत्र करना शुरू कर दिया।'

गुप्ता को बताया गया कि कंपनी के खाते में 134 करोड़ रुपए का लेनदेन मुंबई के एक निजी बैंक की शाखा में 9 सितंबर, 2011 और 13 फरवरी, 2012 के बीच किया गया। इस कंपनी से जुड़ा पैन कार्ड उसी का है। एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी ने बताया कि रवि गुप्ता शिकायत दर्ज कर जांच की मांग कर सकते हैं। 

रवि ने कहा, 'जब ये लेनदेन किए गए थे, तब मैं शायद 21 साल का था। मैं 2011 या 2012 में मुंबई या गुजरात नहीं गया था। मैं इंदौर में एक निजी फर्म के साथ काम कर रहा था और प्रति माह 7,000 रुपए कमाता था, जो कि कर योग्य नहीं है। मैंने इस बारे में एमपी साइबर सेल, महाराष्ट्र पुलिस, पीएमओ और IT अधिकारियों को लिखा है। मुझे इस कर वसूली मामले से मुक्त किया जाए।'

गुप्ता ने बताया कि वह मुंबई में आयकर कार्यालयों में गए और उन्हें बताया कि यह उसकी गलती नहीं है और खाता उसका नहीं है। अब IT विभाग ने बकाया वसूलने के लिए उसकी संपत्तियों को जब्त करने की धमकी दी है।

उन्हें दिसंबर में आईटी विभाग द्वारा बुलाया गया था और उन्हें गुजरात में खाता विवरण, खाता खोलने का फॉर्म, पैन कार्ड, कॉपी खाता सत्यापन फॉर्म, सेवा कर पंजीकरण, टिन पंजीकरण और फर्म पंजीकरण लाने के लिए कहा गया था। रवि ने कहा, 'मैंने उन्हें बताया कि हीरा कंपनी से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। खाते में केवल मेरा पैन कार्ड था, वह भी जाली हस्ताक्षर के साथ। उन्हें इस बात की जांच करनी चाहिए कि जिस खाते का स्थानीय पता नहीं था, उससे 100 करोड़ रुपए से अधिक का लेन-देन कैसे हुआ।'

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