प्यार करने वाले अब डरें नहीं, प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा के लिए कमलनाथ सरकार लेकर आ रही ये प्रावधान

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Updated Aug 14, 2019 | 23:23 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

मध्य प्रदेश में अब प्यार करने वाले जोड़ों के लिए चिंता की कोई बात नहीं है। राज्य की कमलनाथ सरकार उनकी सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है।

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लव बर्ड्स  |  तस्वीर साभार: Getty Images

नई दिल्ली : प्यार करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। घर और समाज से सताए हुए प्रेमी प्रेमिकाओं को अब सरकार सहारा देगी। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार कुछ ऐसा ही प्रावधान लेकर आ रही है जिससे लव बर्ड्स की काफी परेशानियों का हल हो सकता है। मध्य प्रदेश सरकार अब इनकी सुरक्षा का जिम्मा उठाएगी और इनकी शादी भी सुनिश्चित करवाएगी।

रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की कमलनाथ सरकार इन प्रेमी जोड़ों के लिए राज्य के सभी जिलों में सेफ हाउसेस का निर्माण करने जा रही है जहां पर बेझिझक सुरक्षा में रह सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक ये सेफ हाउसेस राज्य के सभी 53 जिलों में बनवाए जाएंगे और जहां पर 24X7 सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।

कपल यहां पर तब तक रह सकते हैं जब तक उन्हें सुरक्षा की जरूरत हो। ये सेफ हाउसेस जिला प्रशासन और जिला एसपी के अंडर कंट्रोल में रहेंगे। वैसे कपल जिन्होंने घर और समाज के विरुद्ध जाकर शादी की है या वैसे जो उनके विरुद्ध जाकर शादी करने का प्लान बनाए हैं उनके लिए ऐसे सुरक्षित हाउसेस बनवाए जा रहे हैं। अविवाहित कपल की शादी के लिए प्रशासन की तरफ से मदद भी दी जाएगी। 

इस संबंध में राज्य पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग को क्लीयरेंस के लिए प्रपोजल भेजा है जिसके बाद इसे फायनांस विभाग में भेजा जाएगा। अविवाहित बालिग कपल भी पुलिस प्रशासन से संपर्क कर अपनी शादी के लिए मदद मांग सकते हैं। राज्य पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में एक प्रपोजल भी बनाया है और इसे राज्य के गृह विभाग को अप्रूवल के लिए भेज दिया है। इसके बाद इस प्रपोजल को फायनांस विभाग में भेजा जाएगा। 

इस प्रपोजल के तहत चार मंजिला बिल्डिंग बनाने की बात कही गई है जो जिले में थाने के करीब बनाया जाएगा ताकि वहां पर 24X7 सुरक्षा व्यवस्थआ रह सकती है। प्लान के मुताबिक बिल्डिंग की उपरी मंजिल पर तीन से चार कमरे होंगे जो कपल के लिए सुरक्षित आवास के लिए होंगे। ग्राउंड फ्लोर अधिकारियों को काम के लिए होंगे।

इसके अलावा बिल्डिंग की बाकी मंजिलों पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अन्य अपराधों के निपटारे के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।बता दें कि पिछले साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने दो बालिग जोड़ों की शादी में अडंगा डालने वाले को अवैध बताया था। कोर्ट ने इसे खाप पंचायत और स्वयंघोषित ग्रामीण कोर्ट कहा था। इसके बाद कोर्ट ने राज्य सरकारों को सभी जिलों में सेफ हाउसेस बनाने की सलाह दी थी जहां पर कपल सुरक्षित रुप से रह सकें। 

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