Vistadome train safari Uttar Pradesh
Wildlife Train Safari India: जंगल में घूमना और जानवरों को उनके असली घर यानी जंगल में देखना अपने आप में एक मजेदार अनुभव होता है। लेकिन सोचो अगर जंगल सफारी जीप में नहीं, बल्कि एक ट्रेन में बैठे-बैठे की जा सके तो कैसा रहेगा? जी हां, अब ये मुमकिन है। हम बात कर रहे हैं विस्टाडोम ट्रेन सफारी की जो एडवेंचर लवर्स और ट्रैवल के शौकीन पर्यटकों के लिए एक जबरदस्त एक्सपीरियंस है। चाहे आप फोटोग्राफी के दीवाने हों, जंगल और जानवरों के शौकीन हों या बस शहर की भागदौड़ से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हों ये सफर आपको एक शांत और खूबसूरत माहौल में ले जाएगा, जहां चारों तरफ बस हरियाली, जंगल की खुशबू और प्रकृति की आवाजें होंगी। हर मोड़ पर नया नजारा, हर खिड़की से नया रोमांच यही है विस्टाडोम ट्रेन सफारी का असली मजा।
अगर आप इसे एक आम ट्रेन सफारी समझ रहे हैं तो ऐसा नहीं है। यह कोई आम ट्रेन यात्रा नहीं है यह सफर आम ट्रेन की सवारी से बिल्कुल अलग है। हर मोड़ पर आप जंगल और मैदान का अलग ही नजारा देखेंगे। विस्टाडोम कोच में बड़ी-बड़ी कांच की खिड़कियां, खुले और चौड़े छत के दृश्य और पारदर्शी व्यूइंग सेक्शन है। मतलब, आप सिर्फ जंगल को देख ही नहीं रहे होते बल्कि आपको ऐसा लगेगा कि आप जंगल के बीच में ही हैं। खुले मैदानों में चरते हुए हिरण के अलावा आपको नीलगाय, लंगूर या कोई सुंदर मोर भी ट्रैक पर चलते हुए दिख सकता है।
विस्टाडोम ट्रेन के डिब्बे खास तरीके से बनाए जाते हैं। बड़ी-बड़ी कांच की खिड़कियां और पारदर्शी छत इसकी पहचान है जिसकी मदद से आप सफर के दौरान हर तरफ का नजारा (ऐसा लगेगा जैसे आप जंगल के अंदर ही सफर कर रहे हों) साफ-साफ देख सकते हैं। ट्रेन में आरामदायक सीटें, AC, साफ-सुथरे टॉयलेट और खाने-पीने की सुविधाएं भी होती हैं।
विस्टाडोम ट्रेन सफारी बिछिया (कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के पास) स्टेशन से शुरू होती है और मैलानी (दुधवा नेशनल पार्क का प्रवेश द्वार) तक जाती है। यह इलाका भारत के सबसे जैव विविधता वाले क्षेत्रों में से एक माना जाता है। यह सफर लगभग 107 किलोमीटर लंबा है। रास्ते में आप घने जंगल, चमचमाती झीलें और खुले घास के मैदान देख सकते हैं। यात्रा में हर तरफ से लगभग 4 घंटे और 30 मिनट का समय लगता है। यह ट्रेन सिर्फ वीकेंड-शनिवार और रविवार को चलती है।
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आप अपनी यात्रा योजना के हिसाब से ट्रेन में कई स्टॉप (दुधवा, किशनपुर, या कतर्नियाघाट) पर चढ़ या उतर सकते हैं। टिकट बुक करने के लिए आप सीधे टूर ऑपरेटर से संपर्क कर सकते हैं या IRCTC की वेबसाइट (irctc.co.in) पर लॉगिन करके भी बकिंग की जा सकती है। रेलवे स्टेशन के काउंटर से भी टिकट खरीद सकते हैं। बिछिया से मैलानी तक सिर्फ ₹275 प्रति व्यक्ति किराया है।
मैलानी से बिछिया: सुबह 6:05 बजे ट्रेन चलती है और 10:30 बजे बिछिया पहुंचती है।
बिछिया से मेलानी वापसी: सुबह 11:45 बजे ट्रेन चलती है और 4:10 बजे मैलानी पहुंचती है।
प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना उसका आनंद लेने का यह एक बेहतरीन तरीका है। यह ट्रेन सफारी सिर्फ सुंदर नजारों के लिए नहीं बल्कि इको-टूरिज्म की तरफ भी एक बढ़िया कदम है। जंगल की ट्रेल्स पर ज्यादा गाड़ियां नहीं चलती इससे जानवरों को परेशान नहीं किया जाता। ट्रेन की धीमी गति आपको हर पल का आनंद लेने का मौका देती है जिससे यात्रियों का मजा भी दोगुना हो जाता है। हर मील में आपको प्रकृति, हरियाली और जंगली जीवन का असली मजा मिलता है। यह ट्रैक ऐसे रास्तों से भी होकर गुजरता है जहां प्रवासी पक्षी आराम करते हैं, सांप धूप सेंकते हैं, और कभी-कभी तेंदुआ रेत पर अपने पंजों के निशान छोड़ जाता है। यानी एक ही सफर में रोमांच भी, शांति भी, और नेचर का असली एहसास भी इसमें आपको मिलता है।
इस मजेदार यात्रा की एक और दिलचस्प बात ये है कि यहां मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलता ऐसे में आप पूरी तरह प्रकृति के साथ जुड़ जाते हैं। ना कोई कॉल, ना नोटिफिकेशन-सिर्फ जंगल की आवाजें और ट्रेन की रफ्तार। यह एक तरह का डिजिटल डिटॉक्स है।