दुनिया के 5 पवित्र पहाड़ और उनके रहस्य, हर ट्रैवलर को जरूर चाहिए जानना
Holy Mountains Pilgrimage: यूनीक ट्रैवल डेस्टिनेशन की तलाश अक्सर पर्यटकों को रहती है। आज हम आपको जिन पहाड़ों के बारे में बताने जा रहे हैं उन्हें सिर्फ पहाड़ कहना या समझना ठीक नहीं होगा। ये कुछ ऐसी जगहे हैं जो आस्था और एडवेंचर को जोड़ती हैं। दुनिया के 5 पवित्र पहाड़ जिन्हें देखना है हर ट्रैवलर का सपना होता है। सबसे पवित्र पहाड़ और उनकी अनोखी कहानियों को यहां बताया गया है।
- Authored by: प्रभात शर्मा
- Updated Feb 2, 2026, 01:07 PM IST
Sacred Mountains Travel: पहाड़ों को सिर्फ ऊंची जमीन के रूप में नहीं देखा जाता है। दुनिया की कई सभ्यताओं में पहाड़ों को भगवानों का घर, तपस्या की जगह और मोक्ष का मार्ग तक माना गया है। दुनिया में कुछ ऐसे पहाड़ हैं जिन्हें सिर्फ पहाड़ कहना ठीक नहीं होगा क्योंकि लोग यहां आशीर्वाद और आत्मिक शांति पाने के लिए चढ़ाई करते हैं। आज हम जानेंगे उन्हीं पहाड़ों के बारे में जिनसे जुड़ी कहानियां लोगों की आस्था और पहचान में समा गई है।
माउंट कैलाश
माउंट कैलाश (तिब्बत, चीन)
कैलाश पर्वत को अक्सर दुनिया का आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। यह पहाड़ चार धर्म- हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन के लोगों के लिए बेहद पवित्र है। हिंदू मान्यता के अनुसार, यह भगवान शिव और माता पार्वती का निवास स्थान है, जहां शिव ध्यान में लीन रहते हैं। माना जाता है कि इसकी एक परिक्रमा करने से जीवन भर के पाप मिट जाते हैं, और 108 परिक्रमा से मोक्ष मिल सकता है। बौद्ध धर्म में इसे माउंट मेरु यानी ब्रह्मांड का केंद्र माना जाता है। जैन धर्म के लोग इसे उस जगह के रूप में पूजते हैं जहां पहले तीर्थंकर ऋषभदेव को ज्ञान प्राप्त हुआ था। बोन धर्म में इसे शक्तिशाली देवताओं का आसन माना जाता है।
एडम्स पीक-श्री पाद
एडम्स पीक-श्री पाद (श्रीलंका)
श्रीलंका के पहाड़ी इलाके में स्थित यह पर्वत कई धर्मों के लिए पवित्र है। इसकी खास बात है कि यह चार धर्मों को एक साथ जोड़ता है।
चोटी के पास एक पत्थर पर पैर के निशान जैसी आकृति है। बौद्ध मानते हैं यह भगवान बुद्ध का पदचिह्न है। हिंदू इसे भगवान शिव का निशान मानते हैं। मुस्लिम और ईसाई मानते हैं कि यह आदम का पहला कदम है, जब वे स्वर्ग से धरती पर आए थे।
माउंट फूजी
माउंट फूजी (जापान)
जापान का सबसे ऊंचा और सबसे आकर्षक पहाड़ माउंट फूजी है। यह सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक महत्व भी रखता है। शिंतो मान्यता में यह देवी कोनोहाना साकुया-हिमे का घर माना जाता है, जो जीवन और सुरक्षा की देवी हैं। पुराने समय में लोग धार्मिक यात्रा के रूप में इसकी चढ़ाई करते थे। आज भी कई लोग इसे सिर्फ एडवेंचर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव मानकर चढ़ते हैं। रास्ते और चोटी पर मंदिर बने हुए हैं।
माउंट सिनाई
माउंट सिनाई, मिस्र
सिनाई प्रायद्वीप के रेगिस्तानी इलाके में छुपा माउंट सिनाई ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। यह माना जाता है कि यहीं मूसा ने भगवान से दस आज्ञाएं प्राप्त की थीं, जो यहूदी, ईसाई और इस्लाम धर्म के नैतिक नियमों की नींव बनीं। सदियों से भक्त पूरे चुप्पी के साथ इस पहाड़ पर चढ़ाई करते आए हैं। कई लोग सुबह सूर्योदय से पहले निकलते हैं, ताकि सूरज उगते ही चोटी पर पहुंच सकें। पहाड़ के तलहटी में है सेंट कैथरीन मठ, जो दुनिया के सबसे पुराने ईसाई मठों में से एक है और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट भी है। यहां पुराने पांडुलिपियां, धार्मिक चित्र और चैपल ऑफ द बर्निंग बुश हैं, जहां माना जाता है कि मूसा ने भगवान को आग की शक्ल में देखा था।
माउंट ओलंपस
माउंट ओलंपस, ग्रीस
ग्रीक मिथकों में माउंट ओलंपस को देवताओं का राजसिंहासन माना जाता था। ग्रीक पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह पहाड़ बारह ओलंपियन देवताओं का निवास स्थान था, जिनका नेता ज्यूस था। माना जाता था कि ओलंपस में चमकते महल हैं, जहां देवता भोजन करते और इंसानों के भाग्य पर चर्चा करते थे। ग्रीकों के लिए ओलंपस मानव और अमर देवताओं की दुनिया के बीच की सीमा था इतना पवित्र और शक्तिशाली कि इंसान वहां कदम नहीं रख सकता था।
