IAAF के मुखिया ने कहा-ओलंपिक की नई तारीखों से हर कोई नहीं होगा संतुष्ट 

टोक्यो ओलंपिक खेलों के 1 साल के लिए स्थिगत होने के बाद उसके आयोजन की नई तारीखों को लेकर चर्चा हो रही है। इस बारे में आईएएएफ के मुखिया सेबेस्टियन को ने बड़ा बयान दिया है।

Tokyo Olympic
Tokyo Olympic 

मुख्य बातें

  • 24 जुलाई से 9 अगस्त तक टोक्यो में होना था ओलंपिक खेलों का आयोजन
  • कोरोना वायरस की वजह से 1 साल के लिए स्थगित करने का हुआ है निर्णय
  • आयोजन की नई तारीखों को लेकर चर्चा है जारी, जल्दी हो सकता है निर्णय

पेरिस: कोरोना वायरस के दुनिया भर में कहर बरपाने के बाद इसी साल जुलाई-अगस्त में आयोजित होने वाले टोक्यो ओलंपिक खेलों को भी एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया। हालाकि जापान ऐसा करने के पक्ष में नहीं था लेकिन कनाडा सहित विभिन्न देशों के इन खेलों से नाम वापस लेने के बाद जापान पर भी खेलों को निलंबित किए जाने का दवाब बढ़ता गया। ऐसे में अंत में जापान की सरकार और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ के बीच सहमति के बाद अंतत: टोक्यो ओलंपिक खेलों को 2021 तक टाल दिया गया है। 

हर किसी को संतुष्ट कर पाना संभव नहीं 
खेलों के टलने के बाद इसके आयोजन की नई तारीखों को लेकर रस्साकशी जारी है। माना जा रहा है कि कुछ सप्ताह में इसके नए कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। ऐसे में विश्व एथलेटिक्स( आईएएएफ) के अध्यक्ष सेबेस्टियन को ने स्वीकार किया कि अगले साल टोक्यो ओलंपिक के लिये कोई भी नयी तारीख चुनी जाये, उससे हर कोई संतुष्ट नहीं होगा। को ने कहा, 'सभी की अपनी दिक्कतें हैं और हम सर्वसम्मति पर नहीं पहुंच सकते। लेकिन लचीलापन जरूरी है और अगले दो साल यह रहेगा।'

24 जुलाई को होना था आगाज 
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप टोक्यो ओलंपिक का आयोजन 24 जुलाई से 9 अगस्त के बीच होना था। लेकिन कोरोना की वजह से नई तारीखें क्या होंगी इसे लेकर असमंजस है। इस बड़े बदलाव के कारण पूर्व निर्धारित प्रतियोगिताएं भी प्रभावित होंगी जिनका आयोजन 2021 में होना था। ऐसे में हर किसी का संतुष्ट हो पाना मुश्किल ही होगा। 

जापान के खर्च किए हैं 13 अरब डॉलर 
टोक्यो ने खेलों की मेजबानी पर जापान ने 12 अरब 60 करोड़ डॉलर खर्च किए हैं और इसके ताजा बजट को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि खेलों को स्थगित करने से 6 अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्च होगा। ऐसे में जापान किसी भी कीमत पर नहीं चाहेगा कि खेल स्थगित हों। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान साल 1916 में बर्लिन, 1940 में टोक्यो और 1944 में लंदन में आयोजित होने वाले ओलंपिक खेलों को रद्द कर दिया गया था। 

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