लियोनेल मेसी ने रिकॉर्ड छठी बार जीता फीफा प्‍लेयर ऑफ द ईयर अवॉर्ड

स्पोर्ट्स
Updated Sep 24, 2019 | 10:11 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

लियोनेल मेसी ने मिलान के ला स्‍कैला ओपेरा हाउस में अवॉर्ड हासिल किया। उन्‍होंने क्रिस्टियानो रोनाल्‍डो को पीछे छोड़ते हुए फीफा प्‍लेयर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड जीता।

lionel messi
लियोनेल मेसी  |  तस्वीर साभार: AP

मुख्य बातें

  • मेसी ने लिवरपूल के डिफेंडर वर्जिल वान डिज्‍क और पांच बार के विजेता क्रिस्टियानो रोनाल्‍डो को पछाड़कर जीता अवॉर्ड
  • अमेरिका की मेगन रेपीनो ने महिलाओं का शीर्ष अवॉर्ड जीता, जिन्‍होंने इस साल अपनी टीम को विश्‍व कप खिताब दिलाया था
  • लिवरपूल के जर्गेन क्‍लोप को पुरुषों के साल का सर्वश्रेष्‍ठ कोच चुना गया

मिलान: अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी ने सोमवार को लिवरपूल के डिफेंडर वर्जिल वान डिज्‍क और पांच बार के विजेता क्रिस्टियानो रोनाल्‍डो को पीछे छोड़ते रिकॉर्ड छठी बार फीफा प्‍लेयर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड जीता। मेसी ने आखिरी बार 2015 में यह अवॉर्ड जीता था। फुटबॉल के जादूगर माने जाने वाले मेसी ने पिछले सीजन में सभी स्‍पर्धाओं में 58 मैचों में 54 गोल किए। उन्‍होंने बार्सिलोना के साथ पिछले सीजन में स्‍पेनिश ला लीगा खिताब जीता और यूरोपीय गोल्‍डन बूट भी अपने नाम किया।

हालांकि, राष्‍ट्रीय टीम के साथ मेसी का समय ज्‍यादा अच्‍छा नहीं रहा क्‍योंकि कोपा अमेरिका कप के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना को ब्राजील से शिकस्‍त झेलनी पड़ी थी। मेसी की जीत आश्‍चर्यचकित मानी जा रही है क्‍योंकि वान डिज्‍क इसके प्रबल दावेदार जाने जा रहे थे। वान डिज्‍क की मदद से लिवरपूल का डिफेंस बेहद मजबूत हुआ था और वह चैंपियंस लीग के खिताब की तरफ बढ़ी थी। वान डिज्‍क ने यूरोपीय सर्वश्रेष्‍ठ खिलाड़ी का अवॉर्ड भी जीता था।

मेसी की मिलान में ला स्‍कैला ओपेरा हाउस में जीत से अर्जेंटीनी के दबदबे की वापसी हुई। बता दें कि 2007 से मेसी और रोनाल्‍डो ने आपस में यह अवॉर्ड जीते हैं। अमेरिका की को-कप्‍तान मेगन रेपीनो ने महिलाओं का शीर्ष अवॉर्ड जीता। मेगन ने अपने देश को इस साल विश्‍व कप खिताब दिलाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह टूर्नामेंट महिला फुटबॉल को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर विकसित करने के नजरिये से माइलस्‍टोन माना जा रहा था। अवॉर्ड लेने के बाद मेगन ने कहा, 'मेरे पास कहने के लिए शब्‍द नहीं बच रहे हैं। यह साल महिला फुटबॉल के लिए बेहतरीन रहा। उनके लिए विशेषकर, जिन्‍होंने देरी से इस पर ध्‍यान दिया। विश्‍व कप का हिस्‍सा बनकर बहुत गर्व महसूस हुआ और हमारे अंदर जो उत्‍साह था, वो शानदार था।'

रेपीनो को मैदान के बाहर मजबूत मजबूत कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है। जब अमेरिका विश्‍व कप खिताब के करीब था तब मेगन रेपीनो ने व्‍हाइट हाउस जाने से इंकार कर दिया था। मेगन का मानना है कि खिलाडि़यों को अपनी सफलता का उपयोग दूसरों की मदद करके करना चाहिए। उन्‍होंने कहा, 'मैं यहां हर किसी से पूछना चाहती हूं कि क्‍या आप अपनी सफलता दूसरों के साथ साझा करना पसंद करेंगे। हमारे पास अनोखा मौका है कि इस खेल के जरिये दुनिया को अच्‍छे के लिए बदले। मुझे उम्‍मीद है कि आप इसे दिल तक ले जाएंगे और कुछ करेंगे। हमारे पास इस कमरे में अतुल्‍नीय शक्ति है।' मेगन ने इस अवॉर्ड की रेस में अपनी साथी को-कप्‍तान एलेक्‍स मोर्गन और इंग्‍लैंड की लुसी ब्रॉन्‍ज को पीछे छोड़ा।

लिवरपूल के जर्गेन क्‍लोप को पुरुषों का साल का सर्वश्रेष्‍ठ कोच चुना गया जबकि अमेरिकी राष्‍ट्रीय टीम के कोच जिल एलिस को सर्वश्रेष्‍ठ महिला कोच की ट्रॉफी प्रदान की गई।

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