पुर्तगाली खिलाड़ी ने रचा इतिहास, बने विश्व चैंपियनशिप मेडल जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी 

स्पोर्ट्स
Updated Sep 29, 2019 | 22:49 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Doha World Athletics Championships 2019: पुर्तगाल के 43 वर्षीय खिलाड़ी ने शनिवार को विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

Joao Vieira
विश्व चैंपियनशिप में सबसे अधिक उम्र में पदक जीतने वाले जाओ विएरा  |  तस्वीर साभार: Twitter

मुख्य बातें

  • पुर्तगाल के जाओ विएरा ने 43 साल की उम्र में जीता सिल्वर मेडल
  • 50 किलो मीटर दौड़ में रहे दूसरे स्थान पर
  • साल 2013 में मॉस्को में 20 किमी दौड़ में जीता था कांस्य

दोहा: कतर की राजधानी दोहा में चल रही एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप में शनिवार को पुर्तगाल के 43 वर्षीय धावक जाओ विएरा ने इतिहास रच दिया। विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की 50 किमी मीटर दौड़ स्पर्धा में रजत पदक जीतकर वो विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में सबसे अधिक उम्र में पदक जीतने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। स्पर्धा का स्वर्ण पदक जापान के युसुके सूजुकी ने जीता। 

जाओ विएरा 11वीं बार विश्व चैंपियनशिप में भाग ले रहे थे। उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया। सुजुकी पूरी दौड़ में अन्य प्रतियोगियों से आगे रहे। उन्होंने गर्म मौसम में 50 किमी की दूरी चार घंटे 4 मिनट और 20 सेकेंड में पूरी की। कनाडा के इवान डनफी तीसरे स्थान पर रहे। 

दोहा की गर्मी से खिलाड़ियों को बचाने के लिए दौड़ रात 11:30 बजे शुरू हुई बावजूद इसके स्थितियां ज्यादा उमस की वजह से कठिन थीं। रजत पदक जीतने के बाद पुर्तगाली खिलाड़ी ने कहा, स्थितियां मेरे लिए नरकीय थीं। मौसम बेहद गर्म और बुरी थीं। मैं बहुत सारी बर्फ और ठंडे पानी की वजह से बच सका। वियेरा ने ये भी बताया कि वो विश्व चैंपियनशिप में आखिरी बार हिस्सा दो साल बाद लेंगे। उन्होंने कहा कि देर रात को दौड़ना भी अपने आप में बड़ी चुनौती था। 

दौड़ खत्म होने के बाद उन्होंने कहा, अभी सुबह के चार बज रहे हैं और ये नाइटक्लब से बाहर आने का वक्त है। आम तौर पर मैं रात 12 बजे सो जाता हूं। वियेरा ने साल 2013 में मॉस्को में 20 किमी दौड़ में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने पदक जीतने के बाद कहा, मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। आप हर दिन पदक नही जीतते हैं खासकर 43 साल की उम्र में। मेरी सफलता का राज हर दिन उत्साह के साथ ट्रेनिंग करना है। और मुझे ऐसा करते हुए खुशी मिलती है।  

खराब मौसम के अलावा दोहा में दौड़ को देखन के लिए कोई दर्शक मौजूद नहीं था। खिलाड़ियों को मुश्किल मौसम की मार से बचाने के लिए आईएएएफ ने सावधानी बरतते हुए अधिक संख्या में रिफ्रेशमेंट प्वाइंट बनाए थे और अधिक संख्या में मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की थी। 

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