World Wrestling Championships: चोटिल दीपक पूनिया ने फाइनल से नाम वापस लिया, सिल्‍वर मेडल से करना पड़ा संतोष

स्पोर्ट्स
Updated Sep 22, 2019 | 13:23 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

दीपक पूनिया का 86 किग्रा वर्ग के फाइनल में रविवार को ईरान के हसन यजदानी से मुकाबला होना था, लेकिन चोट के कारण भारतीय पहलवान ने फाइनल से अपना नाम वापस लिया।

deepak punia
दीपक पूनिया 

मुख्य बातें

  • दीपक को विश्‍व चैंपियनशिप में फाइनल से पहले अंगूठे व कंधे में भी लगी थी चोट
  • इस एडिशन के फाइनल में पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय पहलवान थे दीपक
  • दीपक ने इस टूर्नामेंट के जरिये 2020 ओलंपिक कोटा हासिल किया था

नूर-सुल्‍तान (कजाखस्‍तान) : भारत की विश्‍व रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्‍ड मेडल जीतने की उम्‍मीद रविवार को पूरी तरह खत्‍म हो गई जब दीपक पूनिया ने एड़ी में चोट के कारण गोल्‍ड मेडल बाउट से पहले अपना नाम वापस ले लिया। दीपक का 86 किग्रा वर्ग के फाइनल में ईरान के हसन यजदानी से मैच होना था। राहुल अवारे टूर्नामेंट में एकमात्र भारतीय पहलवान बचे हैं, जो रविवार को ब्रॉन्‍ज मेडल के लिए बाउट करेंगे।

दीपक को विश्‍व चैंपियनशिप के फाइनल से पहले अंगूठे और कंधे में चोट लग गई थी और अब उन्‍हें सिल्‍वर मेडल से संतोष करना पड़ा है। दीपक मौजूदा विश्‍व चैंपियनशिप में एकमात्र भारतीय पहलवान थे, जिन्‍होंने फाइनल में कदम रखा था। दीपक ने कहा, 'बाएं पैर पर बिलकुल भी जोर नहीं देते बन रहा है। ऐसी स्थिति में बाउट करना बहुत मुश्किल है। मुझे पता था कि यजदानी के खिलाफ बड़ा मौका था, लेकिन मैं कुछ नहीं कर सकता। मैं थोड़ा निराश हूं कि गोल्‍ड के लिए बाउट नहीं कर सकता, लेकिन टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से खुश हूं। मैं कड़ी मेहनत करूंगा और ओलंपिक्‍स में मेडल जीतना मेरा लक्ष्‍य है।'

दीपक पूनिया कैडेट विश्‍व चैंपियन और जूनियर विश्‍व चैंपियन हैं। अब वह विश्‍व चैंपियनशिप के माध्‍यम से ओलंपिक्‍स के लिए टोक्‍यो जाएंगे। दीपक ने सेमीफाइनल में पहुंचते हुए 2020 टोक्‍यो ओलंपिक कोटा हासिल किया था। वह इस टूर्नामेंट से ओलपिंक कोटा हासिल करने वाले चौथे भारतीय पहलवान बने थे। इससे पहले बजरंग पूनिया, रवि कुमार दहिया और विनेश फोगाट ने ओलंपिक कोटा हासिल किया था।

दीपक को शनिवार को ओलंपिक कोटा हासिल करने के लिए तीन पहलवानों को मात देनी थी। भारतीय पहलवान ने स्विट्जरलैंड के स्‍टीफन रीचमुथ, कोलंबिया के कार्लोस आर्तुरो इजकिरेडो मेंडेज और तुर्कमेनिस्‍तान के कोदिरोव को मात देकर ओलंपिक कोटा हासिल किया।

20 साल के दीपक गोल्‍ड मेडल की हैट्रिक जीतने के करीब थे। इससे पहले उन्‍होंने कैडेट वर्ल्‍ड चैंपियनशिप और जूनियर विश्‍व चैंपियनशिप में गोल्‍ड मेडल जीते थे। एक न्‍यूज वेबसाइट से बातचीत में दीपक ने कहा, 'मुझे पहली ही बाउट में चोट लग गई थी। मेरे बाएं पैर में अभी भी सूजन है। मैं अपने देश के लिए गोल्‍ड मेडल जीतना चाहता था, लेकिन दुर्भाग्‍यवश ऐसा नहीं हो सका। मुझे लगा था कि समय पर ठीक हो जाउंगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेरी ख्‍वाहिश थी कि फाइनल खेलूं, लेकिन आप जानते हैं कि चोट तो खिलाड़ी की जिंदगी का हिस्‍सा है।' 

उन्‍होंने आगे कहा, 'मेरे लिए यह सम्‍मान की बात है कि यहां तक पहुंचा। मैं बहुत उत्‍साहित हूं कि टोक्‍यो जाउंगा और वादा करता हूं कि देश को निराश नहीं करूंगा।'

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