Dhanteras 2019: कब है धनतेरस? जानें पूजा की सही विधि के साथ इस दिन का खास महत्‍व 

व्रत-त्‍यौहार
Updated Oct 20, 2019 | 08:18 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Dhanteras Date: धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर और माता लक्ष्मी (Ma Laxmi) की पूरे विधि विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार धनतेरस के दिन ही भगवान धनवंतरी का जन्म हुआ था। 

When is Dhanteras
When is Dhanteras  |  तस्वीर साभार: Instagram

मुख्य बातें

  • हर साल धनतेरस का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है
  • इस दिन धन के देवता कुबेर और माता लक्ष्मी की पूरे विधि विधान से पूजा की जाती है
  • धनतेरस की शाम परिवार की मंगलकामना के लिए यम नाम का दीपक भी जलाया जाता है

हिंदू धर्म में धनतेरस का बहुत अधिक महत्व है। हर साल धनतेरस का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इसी दिन से दीपावली की शुरूआत होती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार धनतेरस के दिन ही भगवान धनवंतरी का जन्म हुआ था। इसलिए धन संपत्ति की कामना के लिए इसे धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। 

कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है। इस साल धनतेरस 25 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन धन के देवता कुबेर और माता लक्ष्मी की पूरे विधि विधान से पूजा की जाती है। लोग अपने घरों में भगवान की प्रतिमा स्थापित करते हैं और पूजा सामग्री भगवान कुबेर को अर्पित करने के बाद तिजोरी और अन्न भंडारों में रखते हैं। धनतेरस की शाम परिवार की मंगलकामना के लिए यम नाम का दीपक भी जलाया जाता है। 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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धनतेरस का महत्व (Importance Of Dhanteras)
धनतेरस के दिन लोग नई चीजों की खरीदारी करते हैं। माना जाता है कि घर में नया सामान (सोना, चांदी और बर्तन) लाने से पूरे साल मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। धनतेरस के मौके पर सोने की खरीददारी का विशेष प्रचलन है। 

क्‍यों मनाया जाता है धनतेरस 
समुद्र मंथन के बाद भगवान धन्वंतरी प्रकट हुए थे। तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था इसलिए इस दिन धातू से जुड़े बर्तन या आभूषण खरीदने का चलन निकल पड़ा। मान्यता है कि इस दिन खरीददारी करने से उसमें तेरह गुणा वृद्धि होती है। इस अवसर पर धनिया के बीज खरीद कर भी लोग घर में रखते हैं। 

दीपावली के बाद इन बीजों को लोग अपने बाग-बगीचों में या खेतों में बोते हैं। धन्वंतरी आयुर्वेद के चिकित्सक थे, जिन्हें देव पद प्राप्त था। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये भगवान विष्णु के अवतार थे और इनका पृथ्वी लोक में अवतरण समुद्र मंथन के समय हुआ था। शरद पूर्णिमा को चंद्रमा, कार्तिक द्वादशी को कामधेनु गाय, त्रयोदशी को धन्वंतरी, चतुर्दशी को काली माता और अमावस्या को भगवती लक्ष्मी जी का सागर से प्रादुर्भाव हुआ था। इसीलिये दीपावली के दो दिन पूर्व धनतेरस मनाया जाता है।

धनतेरस पर कैसे करें पूजा?
सबसे पहले शुभ मुहूर्त में पूजाघर तथा तिजोरी में दीपक जला देना चाहिए। अब विधिवत कुबेर पूजा करनी चाहिए। कुबेर पूजन से धन का आगमन होता है तथा व्यवसाय में वृद्धि होती है। माता लक्ष्मी तथा गणेश पूजन भी करें। आज के दिन कुबेर यंत्र स्थापित करें। श्री यंत्र भी आज रख सकते हैं।


 

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