Pausha putrada ekadashi niyam: आज है साल की पहली एकादशी, जानें व्रत करते समय रखें किन नियमों का ख्‍याल 

paush putrada ekadashi 2020: अगर व्रत के नियमों का पालन सही तरीके से किया जाए तो पौष पुत्रदा एकादशी का उपवास सफल सिद्ध होता है और व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।

paush putrada ekadashi
paush putrada ekadashi 

संतान प्राप्‍ति के लिये अगर किसी व्रत को सबसे ज्‍यादा महत्‍व दिया जाता है तो वह है पौष मास की एकादशी  तिथि में पड़ने वाली पुत्रदा एकादशी। सालभर में कुल 24 एकादशियां आती हैं जिसमें से पुत्रदा एकादशी साल की पहली एकादशी है। यह व्रत न सिर्फ संतान प्राप्‍ति के लिये होता है बल्‍कि, इस व्रत का महत्‍व संतान की तरक्‍की से भी जोड़ा गया है। 

 

आज के दिन विष्‍णु भगवान के बाल रूप की अराधना की जाती है। इस व्रत को पूरी आस्‍था के साथ रखना चाहिये जिससे व्‍यक्‍ति को मोक्ष की प्राप्‍ति हो सके। संतान रत्‍न प्राप्‍त करने के लिये इस व्रत को रखते समय कुछ बातों का विशेष ध्‍यान रखना चाहिये। व्रत में की गई छोटी सी भी गलती आपको पाप का भागीदार बना सकती है।  

पौष पुत्रदा एकादशी व्रत रखने के नियम 

  • इस व्रत को दो प्रकार से रखा जा सकता है- निर्जल व्रत और फलाहारी। 
  • यदि व्‍यक्‍ति बीमार है तो उसे यह व्रत नहीं करना चाहिए। 
  •  इस व्रत में भगवन कृष्‍ण को केवल फलों का ही भोग लगाएं। 
  • एकादशी की रात जागरण करने का भी विशेष महत्व है।
  • एकादशी व्रत रखने वालों को चावल, लहसुन, प्याज और मसूल की दाल नहीं खानी चाहिए। इसके अलावा मांसाहारी भोजन एवं मदिरा से भी परहेज करना चाहिए।
  • इस दिन पेड़ पौधे नहीं तोड़ने चाहिए एवं अपने दांतों को उंगली से साफ करना चाहिए। 
  • इसके अलावा इस दिन किसी व्यक्ति की बुराई नहीं करनी चाहिए।
  • दिन में एक समय भोजन करना चाहिए और सूरज डूबने  के बाद कुछ भी ग्रहण नहीं करना चाहिए।
  • द्वादशी के दिन व्रत का पारण किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा कर पंडित को अपने सामर्थ्य के अनुसार दान दक्षिणा देनी चाहिए।

कैसे रखें व्रत : जो भक्त एकादशी पर व्रत रख रहे हों, वे ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करके नए वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु की मूर्ति के सम्मुख बैठ कर और देशी घी का दीपक प्रज्जवलित करें। इसके साथ ही पीले पुष्प और तुलसी भी साथ में रखें। फिर व्रत कथा पढ़ें।

अगली खबर