Astro Tips: इस मुहूर्त में न दें किसी को कर्ज, वापसी की संभावना हो जाती है कम 

व्रत-त्‍यौहार
Updated Nov 20, 2019 | 11:00 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

कर्ज लेना वैसे तो किसी भी सूरत में सही नहीं होता, लेकिन कई बार कर्ज देना भी भारी पड़ जाता है। कुछ मुहूर्त (Muhurat) ऐसे हैं जिसमें कर्ज लेना या देना दोनों ही भारी पड़ जाता है। जानें ये कौन से मुहूर्त हैं।

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Money  |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • कर्ज देने के लिए भी मुहूर्त देखना चाहिए
  • नशत्र और योग देख कर किसी से भी धन लें
  • कर्ज देने या लेने के लिए वार का भी रखें ध्यान

मुहूर्त एक ऐसा समय होता है जो अच्छा भी होता है और बुरा भी। यही कारण है कि लोग किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ मुहूर्त निकलवाते हैं। यदि बिना सोचे-समझे कोई कार्य किसी भी समय पर कर लिया जाए तो जरूरी नहीं कि वह कार्यसिद्ध हो ही। 

कई बार गलत मुहूर्त किसी कार्य पर भारी पड़ जाता है या इंसान को मुसीबत में डाल देता है। ठीक इसी तरह यदि आप किसी से कर्ज लेने जा रहे तो आपको मुहूर्त का ध्यान रखना चाहिए। कुछ मुहूर्त में लिया गया कर्ज आपके सिर पर बढ़ता ही जाता है और आप इससे उबर नहीं पाते। ठीक इसी तरह यदि आपने किसी को गलत मुहूर्त में धन दे दिया तो वह धन आपको वापस नहीं मिल पाता। तो आज इन्हीं मुहूर्तों के बारे में जानेंगे , जिनमें धन देना या लेना दोनों ही भारी पड़ता है।

इस मुहूर्त में न दें किसी को कर्ज, वापसी की संभावना हो जाती है कम

1. इस वार को न लें न दें उधार : यदि आपको धन की जरूरत है तो आपको मंगलवार, शनिवार और रविवार का दिन हमेशा छोड़ देना चाहिए, क्योंकि इस दिन लिया गया कर्ज चुकाना बहुत ही कठिन हो जाता है। वहीं यदि आपसे कोई उधार या कर्ज मांगने आए तो आप बुधवार के दिन धन न दें, क्योंकि इस दिन दिया गया उधार कभी वापस नहीं मिलता।

2. इन योग का भी रखें ध्यान : कुछ योग ऐसे होते हैं जिनमें धन लेना बहुत भारी पड़ता है। ये योग हैं वृद्धि योग, द्विपुष्कर योग, त्रिपुष्कर योग। जब भी कर्ज लेने जाएं इस योग का ध्यान रखें और इनसे बचें।

3. इन नक्षत्र में भी न लें धन : कुछ नशत्र आपको सदा ऋणि बनाएं रखते हैं। ऐसा ही मुहूर्त है, हस्त नक्षत्र। हालांकि इस नश्त्र में यदि आपने किसी का लिया धन लौटा दिया तो आपके जीवन में समृद्धि और सौभाग्य मिलता है। हस्त नशत्र के अलावा मूल, आद्रा, ज्येष्ठा, विशाखा, कृतिका, ध्रुव संज्ञक नक्षत्र अर्थात उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ तथा उत्तराभाद्रपद एवं रोहिणी आदि नक्षत्रों में कर्ज कभी न लें।

4. इस लग्न का रखें ध्यान : चर लग्न में कर्ज देने से बचना चाहिए। यदि आपने इस लग्न में कर्ज दे दिया तो आपका ये धन डूब जाएगा। वहीं यदि आपको कर्ज लेना हो तो चर लग्न में पांचवें व नौवें स्थान में शुभ ग्रह व आठवें स्थान में कोई ग्रह न हो ऋण न लें। इस दिन लिया गया ऋण कभी नहीं चुकता। यदि आपको कर्ज लेना हो तो आप चर लग्न जैसे मेष, कर्क, तुला और मकर में कर्ज लेने पर शीघ्र ही उतर जाता है, लेकिन इन चर लग्न में दिया गया कर्ज हमेशा डूब जाता है।

5. संक्रांति का भी रखें ध्यान : एक वर्ष में 12 संक्रांतियां होती है। सभी संक्रातियों में कर्ज लेना या देना दोनों ही आप पर भारी पड़ सकता है।

तो याद रखें कर्ज लेना ही नहीं देना भी कई मुहूर्त में इंसान पर भारी पड़ जाती हैं, इसलिए कर्ज लेते या देते ध्यान जरूर दें।

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