इंदिरा एकादशी 2019: आज के दिन सुनें मोक्ष देने वाली इंदिरा एकादशी की पौराणिक कथा, साथ ही करें ये काम

व्रत-त्‍यौहार
Updated Sep 25, 2019 | 10:11 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

एकादशी भगवान विष्णु की भक्ति को प्राप्त करने का सर्वश्रेष्ठ दिन है लेकिन इंदिरा एकादशी में इसका महत्व और बढ़ जाता है। श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करना बहुत पुण्यदायी है। एकादशी के दिन इसका 18 बार पाठ करें।

Indira Ekadashi
Indira Ekadashi   |  तस्वीर साभार: Instagram

मुख्य बातें

  • इस माह की एकादशी में आप अपने पितरों को भी प्रसन्न करने का अवसर पाते हैं
  • एकादशी भगवान विष्णु की भक्ति को प्राप्त करने का सर्वश्रेष्ठ दिन है
  • इस दिन भगवान श्री कृष्ण मंदिर में भगवान को बांसुरी भेंट करें

इस बार पितृ पक्ष में एकादशी पड़ रही है। कहा जाता है कि इंदिरा एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना करने से पितरों को कष्टों से मुक्ति मिलती है और उनकी आत्मा इधर उधर नहीं भटकती है। वैसे तो एकादशी भगवान विष्णु की भक्ति को प्राप्त करने का सर्वश्रेष्ठ दिन है लेकिन श्राद्ध एकादशी में इसका महत्व और बढ़ जाता है। 

इस माह की एकादशी में आप अपने पितरों को भी प्रसन्न करने का अवसर पाते हैं। पितृ जो कि देव तुल्य हैं और इस समय धरा पर अपने आशीर्वाद प्रदान करने हेतु आये हैं, उनको तर्पण करके भी आप एक तरह से विष्णु भक्ति ही प्राप्त कर रहे हैं।

इंदिरा एकादशी की व्रत कथा
सतयुग में महिष्मति नामक नगर में इंद्रसेन नाम का एक प्रतापी राजा था। वह भगवान विष्णु का परम भक्त था। एक दिन नारद मुनि राजा के दरबार में आए और उन्होंने राजा को बताया कि मैंने तुम्हारे पिता को यमलोक में देखा। तुम्हारे पिता ने बताया कि एकादशी का व्रत भंग होने के कारण उन्हे नरक में जगह मिली है। उन्होंने तुम्हारे लिए संदेश भेजा है कि अगर तुम एकादशी का व्रत करो तो उन्हें स्वर्गलोक की प्राप्ति होगी। यह सुनकर राजा इंद्रसेन ने अपने पूरे परिवार के साथ इंदिरा एकादशी का व्रत रखा। व्रत के प्रभाव से राजा के पिता को स्वर्ग प्राप्त हुआ। तभी से इस व्रत पितरों को कष्टों से मुक्ति दिलाने के लिए किया जाता है।

इंदिरा एकादशी के दिन जरूर करें ये काम 

  1. श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करना बहुत पुण्यदायी है। एकादशी के दिन इसका 18 बार पाठ करें।
  2. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय : इस महामंत्र को कम से कम 108 बार पढ़ें।
  3. इस दिन भगवान श्री कृष्ण मंदिर में भगवान को बांसुरी भेंट करें।
  4. विष्णु पूजा के साथ-साथ श्री सूक्त का पाठ करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
  5. अन्न का दान करें।
  6. गो माता को केला खिलाएं।


 

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