Maha Shivratri 2020: जानिए महाशिवरात्रि की रात कर्नाटक में बच्चे क्यों मारते हैं लोगों के घरों में पत्थर!

आध्यात्म
Updated Feb 21, 2020 | 15:25 IST

देशभर में आज महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। यहां एक वीडियो दे रहे हैं जिसमें सद्गुरु वासुदेव जग्गी बता रहे हैं कि क्यों आज की रात नहीं सोना चाहिए।

नई दिल्ली: देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। कहा जाता है कि माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि (महाशिवरात्रि) को हुआ था। विवाह रात्रि के समय हुआ था इसलिए इस व्रत में रात का खास महत्व होता है।

सद्गुरु जग्गी वासुदेव बताते हैं कि महा शिवरात्रि की रात को सोना नहीं चाहिए। सद्गुरु के मुताबिक, 'जैविक शास्त्र के विशेषज्ञों के अनुसार, एक जानवर के विकास की प्रक्रिया में सबसे बड़ा कदम रीढ़ का क्षैतिज से सीधा होना है। सिर्फ इसी कदम के बाद आपकी बुद्धि पुष्पित हुई। इसलिए महाशिवरात्रि के रात भर चलने वाले उत्सव में, हम ऊर्जा के ऊपर की ओर चढाव का, मंत्रों और ध्यान से लाभ उठाकर, चैतन्य के और करीब हो सकते हैं।' 

सद्गुरु बताते हैं, 'हमारे जीवन में कोई साधना न होने पर भी इस दिन ऊर्जा ऊपर की ओर बढ़ती है। मगर खास तौर पर योगिक साधना करने वाले लोगों के लिए, इस रात को अपने शरीर को सीधी अवस्था में रखना, या न सोना बहुत महत्वपूर्ण है।'

सद्गुरु के मुताबिक, 'कर्नाटक के कुछ इलाकों में इस रात बच्चों से कहा जाता है कि वो जाकर लोगों के घरों पर पत्थर फेंके। उस दिन ऐसी शरारत को अपराध नहीं माना जाता है। कहा जाता है कि उस दिन ऐसा कर आप सामने वाले को सोने से जगा रहे हैं इसलिए आपको शाबासी मिलेगी। बेशक लोगों ने उठकर शिव का नाम नहीं लिया लेकिन उन्होंने आपको कोसा। चलों इसी बहाने वो उठ तो गए। लेटे रहना हमारे तंत्र के लिए अच्छा नहीं होगा इसलिए शरीर लंबवत रहना चाहिए।'


 

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