Surya Grahan Sutak 2019: सूतक काल में करें इन मंत्रों का जाप, नहीं पड़ेगा कोई बुरा प्रभाव 

उपाय-टोटके
Updated Dec 26, 2019 | 06:27 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

साल के आखिरी महीने में लगने वाला सूर्यग्रहण काफी अशुभ है और उससे भी कहीं ज्यादा अशुभ है ग्रहण के दौरान लगने वाला सूतक काल। सूतक काल के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना या शुभ संदेश बुरा माना जाता है।

solar eclipse december 2019
Solar Eclipse (Surya Grahan) 

मुख्य बातें

  • इस साल का आखिरी महीना कई लिहाज में काफी खास है
  • साल के आखिरी महीने में लगने वाला सूर्यग्रहण काफी अशुभ है
  • सूतक काल का समय सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है

दिसंबर का महीना अब खत्म ही होने वाला है। 2019 के आखिरी दिनों में लोग पुरानी गलतियों को भुलाकर नए प्यार की तरफ बढ़ना चाह रहे हैं। इस साल का आखिरी महीना कई लिहाज में काफी खास है। दिसंबर महीने में इस साल यानि की 2019 का आखिरी सूर्य ग्रहण भी पड़ रहा है, जो कई मायनों में खास है। 

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, साल के आखिरी महीने में लगने वाला सूर्यग्रहण काफी अशुभ है और उससे भी कहीं ज्यादा अशुभ है ग्रहण के दौरान लगने वाला सूतक काल। सूतक काल के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना या शुभ संदेश बुरा माना जाता है। शास्त्रानुसार सूतक काल में मनुष्य को भोजन तक नहीं करना चाहिए, इससे भविष्य पर बुरा पड़ता है। 

सूतक काल में करना चाहिए मंत्रों का जाप
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को है। ज्योतिषातार्यों के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान लगने वाले सूतक काल में कुछ मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए। इसलिए आज हम आपको सूतक काल का समय और कुछ ऐसे मंत्र बताने जा रहे हैं, जिनका जाप सूतक काल में अवश्य करना चाहिए।

क्या है सूतक काल का समय?
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, सूतक काल का समय सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है। यानि की इस बार सूतक काल 25 दिसंबर को शाम 5 बजकर 31 मिनट पर ही शुरू हो जाएगा और अगले दिन यानि की 26 दिसंबर को सुबह 10 बजकर 57 मिनट पर खत्म होगा। 

सूर्य ग्रहण का समय
इस साल का सूर्य ग्रहण का समय 26 दिसंबर यानि की पौष मास की अमावस्या पर सुबह 8 बजकर 17 मिनट पर लगेगा। जो 10 बजकर 57 मिनट पर खत्म होगा। साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिया था, लेकिन तीसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई भी देगा और इसका असर राशियों पर पड़ेगा। 

कौने से मंत्रों का करें जाप
ॐ ह्लीं दूं दूर्गाय: नम: 
ॐ श्रीं ह्लीं क्लीं ऐं ॐ स्वाहा:
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:

 

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