Vastu Dosh Remedies: गौ पूजन का है विशेष महत्‍व, कर लेंगे ये एक उपाय तो दूर होंगे घर के सभी वास्तु दोष

Go mata se jude upay: रामायण, महाभारत और भागवत गीता में गाय की विशेषता बताई गयी है। देवताओं के सामने भी गाय के घी का दीपक जलाया जाता है। यहां जानें गाय से जुड़े कुछ उपाय... 

 Cow and vastu tips
Cow and vastu tips  |  तस्वीर साभार: Instagram

हिंदू धर्म में गाय का बहुत महत्व है। प्राचीन समय से ही गाय की पूजा होती है इसलिए गाय की धार्मिक मान्यता भी है। हिंदू शास्त्रों, वेदों और पुराणों में भी गाय की महिमा का वर्णन किया गया है और गाय को पवित्र एवं पूजनीय बताया गया है। कहा जाता है कि गाय भगवान श्रीकृष्ण को सबसे अधिक प्रिय थी। गोकुल में कृष्ण के साथ गाय की भी पूजा की जाती है।

रामायण, महाभारत और भागवत गीता में भी गाय की विशेषता बतायी गयी है। माना जाता है कि गाय ही वह जीव है जिसमें सभी देवी देवताओं का वास होता है। यही कारण है कि लोग उपवास के दौरान पूजा पाठ करके गाय को रोटी और अन्न खिलाते हैं। भारत में गाय को सबसे बड़ा धन माना जाता है और गौरक्षा पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है। हिंदू धर्म में गाय की पूजा तो होती ही है लेकिन इसके साथ ही गाय से जुड़ी चीजें भी बहुत पवित्र और स्वास्थ्यवर्धक मानी जाती हैं। आइये जानते हैं गाय का क्या महत्व है।

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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गाय का गोबर माना जाता है पवित्र 
आमतौर पर किसी भी धार्मिक कार्य या पूजा पाठ से पहले गाय के गोबर से उस स्थान को लिपकर पवित्र किया जाता है। इसके बाद हवनकुंड में भी गाय के उपलों से अग्नि जलायी जाती है। कहा जाता है कि गाय का दूध और घी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व पाये जाते हैं। देवताओं के सामने भी गाय के घी का दीपक जलाया जाता है। इसके अलावा घर के मुख्य द्वार को गोबर से लिपने पर लक्ष्मी जी घर में प्रवेश करती हैं। 

गौमूत्र चिकित्सा में है उपयोगी
आयुर्वेद में गौमूत्र का विशेष महत्व है। शरीर के विभिन्न विकारों को दूर करने के लिए गौमूत्र का सेवन करना फायदेमंद होता है। कहा जाता है कि गौमूत्र में मां गंगा बसती हैं। प्राचीन काल में ऋषि मुनि सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु, वरुण और वायु आदि देवताओं को गाय के घी से ही यज्ञ करके प्रसन्न करते थे। 

पितरों का श्राद्ध करने के लिए गाय के दूध में ही खीर बनायी जाती है। कहा जाता है कि गाय के दूध में बनी खीर खाकर पितरों को खुशी मिलती है। पुराने समय में वैतरणी नदी पार करने के लिए गाय दान में दी जाती थी, वह परंपरा आज भी चलती आ रही है।

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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गौ पूजन से ये बाधाएं होती हैं दूर

  • धर्म शास्त्र और ज्योतिष में भी गाय की महिमा का बखान किया गया है। मान्यता है कि सूरज ढलने के बाद जब गाय जंगल से घर लौटती है तो उसके खुरों से जो धूल उड़ती है उससे मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं।
  • यदि आपकी राशि में बुध ग्रह की दशा ठीक नहीं चल रही है तो गाय को हरा चारा खिलाने से सभी दिक्कतें दूर हो जाएंगी।
  • मंगल की दशा सुधारने के लिए गरीब और ब्राह्मणों को गौदान करना चाहिए। इसके अलावा नवग्रहों की शांति और शनि की दशा ठीक करने के लिए काली गाय का दान करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।
  • गाय की नियमित पूजा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। 
  • पितृदोष दूर करने के लिए गाय को अमावस्या के दिन रोटी, गुड़ और चारा खिलाना फायदेमंद होता है।
     

गाय की पूजा से वास्तु दोष भी होते हैं दूर

  • घर बनवाने से पहले उस जमीन पर गाय और उसके बछड़े को बांधने से वास्तु दोष दूर हो जाते हैं।
  • गाय जिस स्थान पर बैठकर आराम करती है, वहां कभी कोई बाधा नहीं आती है।
  • जिन घरों में गाय की सेवा होती है उस घर में कोई परेशानी नहीं आती है।

इस तरह गाय को पूजनीय माना जाता है और कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से पहले लोग गाय को अन्न खिलाते हैं और आशीर्वाद ग्रहण करते हैं।

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