Angarki chaturthi: अंगारकी चतुर्थी पर लें गणपति का नाम, इस मंत्र जाप से करें उन्‍हें प्रसन्न

भजन/आरती
Updated Jan 28, 2020 | 08:51 IST

Angarki chaturthi mantra: मंगलवार के दिन पड़ने वाली चतुर्थी को अंगारकी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन गणेश जी के इस मंत्र का जप करना चाहिए।

अंगारकी चतुर्थी के व्रत के प्रभाव से मनुष्य के सभी कार्य बिना किसी विघ्न के संपन्न हो जाते हैं। यह व्रत मंगल के दोष से पीड़‍ित लोगों के दुख को हरता है। शास्‍त्रों में मंगल देव को अंगारक कहा गया है। माना जाता है क‍ि मंगल देव के कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान गणेश ने उन्हें वरदान दिया था क‍ि मंगलवार के दिन पड़ने वाली चतुर्थी को उनके नाम पर अंगारकी चतुर्थी  कहा जाएगा। 

अंगारकी चतुर्थी के पूजन में इस मंत्र का जाप करें - 
गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्।
उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्।। 

अंगारकी चतुर्थी व्रत रखने की व‍िध‍ि
अंगारकी चतुर्थी के व्रत व्‍यक्‍त‍ि को हर काम में विजयी रखता है। इस व्रत में दिनभर फलाहार में ही रहना उत्तम माना गया है। इसलिए इसी आधार पर व्रत रखें। शाम के समय को चांद निकलने से पहले पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान थाली में तिल और गुड़ के लड्डू, फूल, कलश में पानी, चंदन, धूप, केला या नारियल प्रसाद के तौर पर रखना चाहिए। 
 

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