Shiv Ji Ki Puja : शिवजी की विभिन्न प्रतिमाओं की पूजा से मिलता है अनूठा पुण्यलाभ, मनोकामना अनुसार करें पूजन

Shiv ji ki puja: सावन में शिवलिंग की पूजा तो सभी करते हैं, लेकिन आपको क्या यह भी पता है कि शंकर जी की विभिन्न प्रतिमाओं की पूजा करने के अलग-अलग पुण्य लाभ मिलते हैं?

worship of various postures of Lord Shankar,भगवान शंकर की विभिन्न मुद्राओं की पूजा
worship of various postures of Lord Shankar,भगवान शंकर की विभिन्न मुद्राओं की पूजा  

मुख्य बातें

  • सावन मास में शिवजी की विभिन्न मुद्राओं की पूजा करनी चाहिए
  • शिव परिवार की पूजा करना संपूर्ण सुख का भागी बनाता है
  • शिव के साथ देवी पार्वती की पूजा से मिलता है वैवाहिक सुख

सावन में केवल शिवलिंग की पूजा नहीं की जाती बल्कि शंकर जी की विभिन्न प्रतिमाओं की पूजा भी होती है। शंकर जी की इन प्रतिमाओं की पूजा के विभिन्न लाभ उनके भक्तों को मिलते हैं। 6 जुलाई से सावन मास शुरू हो गया है और 3 अगस्त तक रहेगा। शिवपुराण में वर्णित है कि सावन में शंकर जी की विभिन्न प्रतिमाओं के साथ देवी पार्वती व गणपति की पूजा भी जरूर करनी चाहिए।

सावन मास में शिवलिंग पर जल चढ़ाना बहुत ही उत्तम और सर्वश्रेष्ठ माना गया है। शिवजी को सावन मास बेहद प्रिय है और इसके पीछे मान्यता यह है कि सावन मास में ही देवी पार्वती ने शिवजी को पाने के लिए घनघोर तपस्या कर 16 सोमवार का व्रत रखा था। इसी कारण शिवजी की पूजा सावन में करना बहुत पुण्यकारी होता है।

Shiv ji ki Puja : शिवजी की विभिन्न प्रतिमाओं की पूजा की मिलता है अनूठा पुण्यलाभ

Shiv Pariwar Puja : सुख और वैभव के लिए करें शिव-परिवार की पूजा

सावन में शिवपरिवार की पूजा हर गृहस्थ को करनी चाहिए। सावन में शिव परिवार की पूजा से सुख और सौभाग्य के साथ हर वैवाहिक और संतान सुख कभी भी प्राप्ति होती है। भगवान शिव-पार्वती के साथ गणपति और कार्तिकेय की पूजा करने से धन-धान्य संबंधी हर समस्या दूर होती है।

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Shiv Puja for Good Health : रोग मुक्ति के लिए

रोग से मुक्ति के लिए भगवान शंकर की उस प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए जिसमें वह एक अष्टांग मुद्रा में हों। यानी एक टांग पर खड़े हों और त्रिनेत्र के साथ उनके चार हाथ में डमरू और त्रिशूल भी हो। इस प्रतिमा की पूजा के समय एक बात जरूर ध्यान देना चाहिए। यह प्रतिमा उत्तर दिशा में हो और भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी की भी पूजा की जाएं। तीनों देवों की पूजा मायने रखती है।

Shin Puja for Energy : ऊर्जा और अन्न प्राप्ति के लिए

मनुष्य को ऊर्जा और आत्मविश्वास के लिए भगवान शंकर के तीन पैर, सात हाथ और दो सिर वाली प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए। भगवान शिव का यह रूप अग्नि का रूप माना जाता है। इससे अन्न प्राप्ति का स्रोत भी खुलता है।

Shiv Puja for Happy Marriage : वैवाहिक सुख के लिए

सावन में भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा बहुत जरूरी होती है। इसके लिए भगवान शिव और पार्वती की ऐसी प्रतिमा या तस्वीर की पूजा करनी चाहिए, जिसमें वह बैल पर विराजित हों। साथ ही अर्धनारीश्वर रूप की पूजा भी बहुत फलदायी होती है।

Shiv Puja for Knowledge : विद्या और ज्ञान के लिए

विद्यार्थियों को भगवान शिव के उपदेश देने वाली प्रतिमा या तस्वीर की पूजा करनी चाहिए। भगवान के इस स्वरूप की पूजा से ज्ञान और विद्या का आशीर्वाद मिलता है।

Shiv Puja for Honour and Respect : मान सम्मान के लिए

मनुष्य को अपनी प्रतिष्ठा और मान सम्मान को बनाए रखने के लिए शिवजी की उस प्रतिमा या तस्वीर की पूजा करनी चाहिए जिसमें वह नंदी और देवी पार्वती के साथ गणों से घिरे हुए हों।

Shiv Puja for Comfort : सभी सुखों की प्राप्ति के लिए

भगवान शंकर जिस तस्वरी में देवी पार्वती के साथ नृत्य करते हुए दिख रहे हों उसकी पूजा करनी चाहिए। भगवान के इस स्वरूप की पूजा से जीवन के हर सुख की प्राप्ति की जा सकती है।

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