sawan puja vidhi : सावन के सोमवार के व्रत का ऐसे मिलेगा पूरा पुण्यलाभ, इस व‍िध‍ि से करें शि‍व जी की पूजा

Sawan Mein Puja Kaise Karein : सावन में 3 तरह के व्रत रखने का खास महत्व होता है। इन उपवास को रखने से संपूर्ण पुण्यलाभ की प्राप्ति होती है। जानें कैसे करें सावन व्रत और इसकी पूरी व‍िध‍ि।

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मुख्य बातें

  • सावन में शिवजी के साथ माता पार्वती की पूजा जरूर करें
  • शिवलिंग पर जल अर्पित करने के बाद शिव-पार्वती पूजा करें
  • व्रत और पूजा से पूर्व संकल्प मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए

सावन मास महादेव को समर्पित होता है, लेकिन खास बात ये है कि इस माह में केवल भगवान शिव की ही नहीं बल्कि उनकी अर्धांगिनी देवी पार्वती की भी पूजा करना जरूरी है। सावन माह में शास्त्रों के अनुसार सोमवार के व्रत तीन तरह किए जाते हैं। सोमवार, सोलह सोमवार और सौम्य प्रदोष। सोमवार व्रत की विधि सभी व्रतों में समान होती है और इस व्रत को सावन माह में आरंभ करना शुभ माना जाता है। सावन माह भगवान शिव को इसलिए प्रिय है, क्योंकि इस माह में ही देवी पार्वती ने शिव-शंकर को पाने के लिए घनघोर तप किया था। सावन मास में प्रभु अपनी अर्धांगिनी के साथ जब पूजे जाते हैं तो भक्तों को उसका विशेष पुण्यलाभ मिलता है।

Sawan Puja Vidhi 2020 : सावन के सोमवार के व्रत का ऐसे करें आरंभ

सावन में वैसे तो हर दिन लेकिन कम से कम सोमवार के व्रत के लिए सूर्योदय से पूर्व उठना चाहिए। यह व्रत सूर्योदय से प्रारंभ होकर तीसरे पहर तक जारी रखा जाता है। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर व्रत का संकल्प लें।

Sawan Puja Vrat Mantra : पूजन तैयारी के बाद निम्न मंत्र से संकल्प लें

सावन सोमवार, सोलह सोमवार और सौम्य प्रदोष की पूजा का संकल्प लेने के लिए इस मंत्र का जाप करें।

'मम क्षेमस्थैर्यविजयारोग्यैश्वर्याभिवृद्धयर्थं सोमव्रतं करिष्ये'

इसके पश्चात निम्न मंत्र से ध्यान करें-

'ध्यायेन्नित्यंमहेशं रजतगिरिनिभं चारुचंद्रावतंसं रत्नाकल्पोज्ज्वलांग परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम्‌।

पद्मासीनं समंतात्स्तुतममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं विश्वाद्यं विश्ववंद्यं निखिलभयहरं पंचवक्त्रं त्रिनेत्रम्‌॥

Sawan mein Shivling Puja kaise karein : शिवलिंग पर अर्पित करें ये वस्तुएं

शिवलिंग पर सफेद पुष्प, बेलपत्र, धतुरा, भांग और अक्षत जरूर अर्पित करें। इसके बाद जल में गंगाजल मिश्रित कर उनका अभिषेक करें। यदि दूग्धाभिषेक करना है तो दूध में गंगाजल मिला कर ही शिवलिंग पर अर्पित करें।

sawan mein puja kaise kare : इस विधि से करें शिव-पार्वती की पूजा

सावन में पार्थिव शिवलिंग पर जलाभिषेक के बाद देवी पार्वती और शंकर जी की साथ में पूजा करें। इसके बाद भगवान को पुष्प चढ़ाएं, प्रसाद का भोग लगाएं और आरती करें। उसके बाद चालीसा पढ़ें और सोमवार व्रत कथा को जरूर सुनें। ध्यान के पश्चात 'ऊँ नमः शिवाय' से शिवजी का तथा 'ऊँ नमः शिवायै' से पार्वतीजी का षोडशोपचार पूजन करें। शाम को शिव-पार्वती के समक्ष दीप जलाएं और उसके बाद व्रतीजन सात्विक या फलहार भोजन ले सकते हैं।

सावन सोमवार व्रत करने से भगवान शिव तथा देवी पार्वती की अनुकम्पा बनी रहती है और जीवन धन-धान्य से भर जाता है। सभी संकट दूर हो जाते हैं।

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