रामायण ग्रंथ ही नहीं मनुष्य के लिए एक सीख है, सीखनी चाहिए युवाओं को ये बातें

लॉकडाउन में सालों बाद एक बार फिर टीवी पर रामायण का प्रसारण किया जा रहा है। बता दें कि रामायण आज भी प्रासंगिक है, क्योंकि श्रीराम के आदर्शों से हम सीख ले सकते हैं।

ramayana still relevant today
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मुख्य बातें

  • आधुनिक जीवन में रामायण से हम सीख ले सकते हैं।
  • रामायण की प्रासंगिकता को अपने जीवन में भी उतार सकते हैं।
  • रामायण की सबसे बड़ी सीख है बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत।

रामायण के बारे में पढ़ना करोड़ों हिंदुओं के लिए काफी पूजनीय है। रामायण में शामिल सामाजिक-राजनीतिक संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। ऐसा हम नहीं बल्कि अलग-अलग देशों के विद्वानों का मानना है। कहते हैं रामायण को पढ़ने से पहले श्रीराम को समझना को बेहद जरूरी है। जिंदगी जीने के लिए जो तत्व, आदर्श, नियम और धारणा जरूरी होती है उसकी का नाम हैं श्रीराम। 

आधुनिक जीवन में रामायण से हम सीख ले सकते हैं। इसके अलावा हम रामायण की प्रासंगिकता को अपने जीवन में भी उतार सकते हैं। रामायण की सबसे बड़ी सीख है बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत। वहीं आज हम बात करेंगे भगवान श्रीराम के उन आदतों के बारे में जिसे आम जीवन में लोगों को जरूर अपनाना चाहिए।

सबके प्रति समान व्यवहार रखना
रामायण में बताया गया है कि भगवान श्रीराम का आचरण काफी विनम्र है, वह हर किसी से समान व्यवहार रखते हैं। ऐसे में समाज में किसी से भी भेदभाव नहीं करना चाहिए। जाति, धर्म, लिंग आदि के नाम पर भेदभाव कर दूसरो को नीचा दिखाना गलत है। श्रीराम के आचरण से आप सीख सकते हैं कि सच्चा मानव वहीं होता है जो सबके साथ समान व्यवहार से पेश आए।

सच्चे मन से करें भगवान की सेवा
भगवान राम के प्रिय भाई हैं लक्ष्मण। लक्ष्मण हमेशा भाई की सेवा सच्चे मन से की है। वनवास जाने से पहले जब लक्ष्मण और उनकी मां सुमित्रा के बीच संवाद होता है, तो सुमित्रा अपने पुत्र से कहती हैं कि वो राम और सीता के साथ हमेशा अच्छा आचरण रखें। दोनों भाई के प्यार से हम सीख सकते हैं कि जब भी किसी की सेवा करें सच्चे मन से करें। 

बुराई पर अच्छाई की जीत है रामायण
हिंदुओं का एक प्रमुख ग्रंथ रामायण से हम काफी कुछ सीख सकते हैं। सीख ये कि बुराई चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो जाए वह अच्छाई के सामने कभी टिक नहीं सकती। रामायण में बताया गया है कि नीयत और गुण अच्छे हैं, तो बुराई की नहीं हमेशा सच्चाई की जीत होती है।

विविधता में एकता 
रामायण में राजा दशरथ के चारों बेटे और तीनों रानियों का अलग-अलग चित्रण किया गया है। परिवार में इतनी विविधता होने के बावजूद भी एकजुट रहते हैं। यह परिवार की मजबूत कड़ी है, जिससे हम सीख सकते हैं कि मुसिबत में भी कैसे एकजुट होकर बाहर निकल सकते हैं। 

हमेशा अच्छी संगति रखना चाहिए
रामायण में बताया गया कि दशरथ की रानियां कभी भी बच्चों में भेदभाव नहीं करती। यही नहीं रानी कैकयी अपने बेटे भरत से ज्यादा राम से प्यार करती थी। लेकिन दासी मंथरा की गलत बातों में आकर राम के खिलाफ हो जाती हैं। बुरी सोच में आकर राजा दशरथ से राम के लिए चौदह वर्षों का वनवास मांग लेती है। ऐसे में रामायण से हम सीख ले सकते हैं संगति हमेशा अच्छी रखनी चाहिए।

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