Maha Shivratri 2020 Date, Puja Time and Muhurat: इस साल 2 दिन मनाई जाएगी महाशिवरात्रि, जानें शुभ मुहूर्त

Mahashivratri 2020 Date and Muhurat (महाशिवरात्रि 2020): फाल्गुन मास में पड़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के तौर पर मनाया जाता है। जानें इस साल कब पड़ रही है महाशिवरात्रि।

Shivratri kab hai; Mahashivratri date and Tithi 2020
Shivratri kab hai; Mahashivratri date and Tithi 2020 

मुख्य बातें

  • फाल्गुन मास में आने वाली शिवरात्रि खास होती है इसलिए इसे महाशिवरात्रि कहा जाता है
  • इस साल महाशिवरात्रि एक नहीं बल्कि दो दिन मनाई जाएगी
  • इस महाशिवरात्रि 21 फरवरी और 22 फरवरी को मनाई जाएगी

Maha Shivaratri 2020 Date time tithi: महाशिवरात्रि इस महीने है। भगवान शिव के भक्‍तों के लिए महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2020) बड़ी ही महत्‍वपूर्ण होती है। इस दिन देशभर के शिव मंदिरों में भक्‍तों की भींड लगी रहती है। इस साल शिवरात्रि कब पड़ेगी यह विचार काफी लोगों के मन में है। वैसे तो शिवरात्रि हर माह आती है मगर फाल्गुन मास में आने वाली महाशिवरात्रि कुछ ज्‍यादा ही खास होती है। 

महाशिवरात्रि इसी महीने है जो कि शिव भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। इस दिन देशभर के मंदिरों में शिव भक्तों की भीड़ लगती है। ह‍िंदू कलैंडर के मुताब‍कि चलने वाले साल के आखि‍री महीने फाल्‍गुन में आने वाली शिवरात्रि बहुत खास होती है। 

जानें इस साल कब मनाई जाएगी शिवरात्रि

इस साल महाशिवरात्रि और भी खास है क्योंकि यह एक नहीं बल्कि दो दिन मनाई जाएगी। इस साल महाशिवरात्रि 21 फरवरी और 22 फरवरी को मनाई जाएगी। यह 21 फरवरी को शाम 5:20 से शुरू होगी और अगले दिन यानी 22 फरवरी को शाम 07:02 तक चलेगी। 

मालूम हो कि फाल्गुन मास के दिन आने वाली महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिये इस पर्व को महाशिवरात्रि कहते हैं। इस दिन भक्त सच्चे मन से शिवजी और पार्वतीजी की आराधना करते हैं तो उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मनचाहा फल मिलता है। 

भगवान की पूजा में रखें ये सामान

हिंदू धर्म के अनुसार भगवान शिव पर पूजा करते समय बिल्वपत्र, शहद, दूध, दही, शक्कर और गंगाजल से जलाभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों का बेड़ा पार करते हैं।

रात के चार प्रहरों में करें पूजा 

महाश‍िवरात्र‍ि पर रात में श‍िव और पार्वती की पूजा का विधान है। ये पूजा 4 प्रहरों में बांटी गई है। जानें क्या है इसे करने का समय: 
रात के पहले प्रहर की पूजा: शाम 18:26 से  रात 21:33 तक 
रात के दूसरे प्रहर की पूजा:  21 फरवरी को 21:33 से 22 फरवरी को  00:40 तक
रात के तीसरे प्रहर की पूजा: 22 फरवरी को  00:40 से तड़के 03:48 तक
रात के चौथे प्रहर की पूजा: 22 फरवरी को तड़के 03:48 से सुबह 06:55 तक

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