Mahamrityunjay Mantra: अकाल मृत्यु समेत इन मुसीबतों से बचाता है महामृत्युंजय मंत्र, जानें इसके चमत्कारिक फायदे

Mahamrityunjaya Mantra in Hindi : महामृत्युंजय मंत्र का जाप सावन में करने के एक नहीं अनेक लाभ हैं। इस मंत्र के जाप से केवल अकाल मृत्यु ही नही के मुसीबतों से बच जा सकता है।

Mahamrityunjaya Mantra Jaap ke Fayde in Hindi Benefits of chanting Mahamrityunjaya Mantra in Sawan month shiv ji puja
Benefits of Mahamrityunjaya Chanting, महामृत्युंजय जाप के फायदे 

मुख्य बातें

  • महामृत्युंजय का जाप करने से रोग दूर होते हैं
  • हर तरह के भय से मनुष्य को मिलती है मुक्ति
  • आर्थिक संकट से जुड़ी समस्याएं भी होती हैं दूर

महादेव का सबसे शक्तिशाली मंत्र महामृत्युंजय मंत्र है एयर सावन में इस मंत्र के जाप से न केवल अकाल मृत्यु के भय को दूर किया जा सकता है बल्कि कई तरह की समस्या से भी मुक्ति पाई जा सकती है। मृत्यु को जीतने वाला यह मंत्र सबसे फलदायक माना जाता है। पुराणों में वर्णित है की यदि मात्र सावन माह में ही इस मंत्र का जाप कोई कर ले तो उसकी असाध्य से कार्य भी पूरे हो जाते हैं। तो चलिए आपको महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने के फायदे व सही तरीका बताते हैं।

Mahamrityunjaya Mantra ka Mahatva: महामृत्युंजय मंत्र का महत्व

महामृत्युंजय मंत्र को त्रयंबकम मंत्र के नाम से भी जाना जाता है। यजुर्वेद में उल्लेख है की यह मंत्र भगवान शिव की स्तुति का सबसे ताकतवर मंत्र है। इस मंत्र का जाप करने वाला व्यक्ति रोगमुक्त  रहता है और मोक्ष का भागी बनता है। इसके अतिरिक्त भी इस मंत्र के जाप से असीम मनोकामना पूर्ण होती है।

Mahamrityunjaya Mantra Lyrics in Hindi : ये है महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥

Mahamrityunjaya Mantra Jaap ke Niyam : कितनी बार करना चाहिए महामृत्युंजय मंत्र  का जाप?

महामृत्युंजय मंत्र का जाप कम से कम सवा लाख बार किया जाना चाहिए, लेकिन कम से कम 108 बार इसका जाप सावन में जरूर करना चाहिए।

  1. Mahamrityunjaya Mantra Jaap ke Fayde or Benefits : जानें महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने के फायदे
  2. भगवान शिव का प्रसन्न करने के लिए : इस मंत्र से भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न होंते हैं। सावन में इसका जप करने से मनचाहा वरदान प्राप्त होता हैं।
  3. आकाल मृत्यु से बचाता है : किसी पर अकाल मृत्यु का साया हो तो उसे खुद या ब्राह्मणों के जरिये सवा लाख बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे मौत का खतरा टल जाता है। वहीं, कुंडली में गंभीर गंभीर बीमारी या दुर्घटना का योग है तो भी इस मंत्र का जप करना चाहिए।
  4. भयमुक्त करता है यह मंत्र : इस मंत्र का जाप से किसी भी तरह का भय दूर होता है। रोजाना 108 बार इस मंत्र का जाप करने से मन शांत और भयमुक्त होता है।
  5. सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करें वाला मंत्र :  इस मंत्र का जाप करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे आप डिप्रेशन, तनाव जैसी बीमारियों से बचे रहते हैं।
  6. निरोगी काया के लिए : निरोगी काया के लिए सुबह स्नान करने के बाद रुद्राक्ष की माला से 108 बार इस मंत्र का जाप करें। इससे बीमारियां शरीर का साथ छोड़ देती हैं।
  7. धन लाभ के लिए : यदि आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं तो सावन में शिवलिंग के समीप बैठ कर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे धन संबंधित जुड़ी सारी ही परेशानियां दूर होती है। साथ ही इससे रूके हुए काम भी पूरे हो जाते हैं।

यदि मनुष्य रोज इस महामृत्‍युंजय मंत्र का जाप कर ले तो उसकी आयु बढ़ती है। साथ ही यह मंत्र बीमारियों को भी दूर रखने के साथ कैन और मनोकामनाओं को भी पूरा करने वाला होता है।

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