Laxmi Pujan ke Niyam : लक्ष्मी जी की पूजा में न करें जाने-अनजाने में भी ये 7 भूल, इन बातों का रखें विशेष ध्यान

Devi Lakshmi Ki Puja: सावन के अंतिम शुक्रवार को वरलक्ष्‍मी व्रत आता है। इस द‍िल लक्ष्‍मीजी की खास पूजा का व‍िधान है। जानें पूजा में कोई भूल चूक न हो, इसके लि‍ए खास बातें।

Rules of worship of Goddess Lakshmi, देवी लक्ष्मी की पूजा के नियम
Rules of worship of Goddess Lakshmi, देवी लक्ष्मी की पूजा के नियम 

मुख्य बातें

  • देवी लक्ष्मी की घर में कभी अंगूठे से बड़ी प्रतिमा स्थापित न करें
  • देवी लक्ष्मी को हमेशा गणपति जी के दाहिनी ओर ही स्थापित करें
  • देवी लक्ष्मी और गणपति जी की प्रतिमा एक साथ जुड़ी नहीं होनी चाहिए

कई बार हम ईश्वर की आराधना तो करते हैं, लेकिन उसका जब फल नहीं मिलता तो निराश होने लगते हैं। मनुष्य को लगता है कि शायद ईश्वर उसकी सुन नहीं रहे, जबकि पूजा के दौरान हुई कुछ गलतियों के कारण पूजा फलीभूत नहीं हो पाती। धन की देवी लक्ष्मी माता बेहद चंचल और अस्थिर मानी गई हैं। देवी को यदि घर में रोके रखना है तो उनकी पूजा में भूल के भी कोई गलती नहीं करनी चाहिए।

समान्यत : देवी की पूजा के लिए घर में जब लोग देवी की प्रतिमा लाते हैं तो उसी वक्त भूल कर बैठते हैं। इसलिए देवी की पूजा प्रतिमा के सही चयन के कारण हर बार अपूर्ण रह जाती है। तो आइए आज लक्ष्‍मी देवी की प्रतिमा और पूजा से जुड़े कुछ खास नियम जानें, ताकि देवी आपसे कभी नाराज न हों।

जानें, देवी की प्रतिमा और पूजा के नियम

  1. देवी लक्ष्मी की प्रतिमा यदि घर में स्थापित करने जा रहे तो याद रखें उनकी प्रतिमा की ऊंचाई अंगूठे के ऊंचाई जितनी ही हो। इससे ज्यादा बड़ी प्रतिमा की पूजा का घर में रखना सही नहीं माना जाता है। यदि इससे बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाती है तो उसके पूजा के नियम बदलने के साथ अत्यंत कड़ी हो जाती है और यदि नियमों की अवहेलना की जाए तो इससे प्रतिमा दोष लगता है।
  2. देवी लक्ष्मी को जब भी स्थापित करें उनकी प्रतिमा के बाएं ओर गणपति जी होने चाहिए। देवी की प्रतिमा हमेशा दाहिनी ओर होनी चाहिए।
  3. घर में कभी भी देवी लक्ष्मी की खड़ी प्रतिमा या तस्वीर को स्थापित नहीं करना चाहिए। ऐसी प्रतिमा या तस्वीर चलायमान होती है और देवी घर पर नहीं रुकतीं। देवी की बैठी मुद्रा वाली ही प्रतिमा घर में लगाएं।
    Varalakshmi vrat 2019
  4. सबसे बड़ी गलती मनुष्य देवी लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर को स्थापित हुए ये करता है कि उन्हें दीवार से सटा देता है। देवी की तस्वीर या प्रतिमा दीवार से सटा कर न रखें और कम से कम एक इंच की दूरी बना कर स्थापित करें।
  5. यदि आप गणपति जी और लक्ष्मी जी की एक प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं तो यह सही नहीं है। दोनों देव गणों की प्रतिमाएं हमेशा अलग-अलग होनी चाहिए।
  6. देवी लक्ष्मी जिस प्रतिमा या तस्वीर में उल्लू पर सवार हों उसे घर में स्थापित न करें। इससे धन अस्थिरता की स्थिति हमेशा बनी रहती है।
  7. देवी लक्ष्मी की पूजा कभी अकेले न करें। उनके साथ भगवान विष्णु की पूजा जरूर करें, तभी पूजा सफल होती है।

देवी लक्ष्मी की प्रतिमा और पूजा के इन नियमों का ध्यान रख कर आप देवी को प्रसन्न रख सकते हैं।

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर