Vastu Tip For house: वास्तु के अनुसार घर में लगाएं इन रंग के पर्दे, घर की परेशानियां होंगी दूर

Vastu for Curtain colors : क्या आपको पता है कि आपके घर का वास्तु दोष या परेशानियां पर्दे भी दूर कर सकते हैं? नहीं, तो आइए आपको बताएं कि घर में वास्तु के अनुसार कैसे पर्दे लगाने चाहिए।

According to Vastu curtain color, वास्तु के अनुसार पर्दे का रंग
According to Vastu curtain color, वास्तु के अनुसार पर्दे का रंग 

मुख्य बातें

  • पर्दे का रंग घर के वास्तु को प्रभावित करता है
  • कमरे में हरने वालों के अनुसार ही पर्दे का रंग चयन करें
  • बेडरूम में रोमांस और स्टडी रूप में एकग्रता पैदा करने वाले रंग चुनें

वास्तु के अनुसार घर का पर्दे लगाने से कई तरह की परेशानियां दूर हो सकती हैं। पर्दे का रंग आपकी भावनाओं, मन और विचार को प्रभावित करते हैं। कई बार रंग का प्रयोग चिकित्सा के रूप में किया जता है। यदि आपके घर में क्लेश रहता हो अथवा आप किसी बीमारी से परेशान हों तो आपको घर में वास्तु के अनुसार पर्दे जरूर लगवाने चाहिए। यही नहीं, आर्थिक संकट या मानसिक बीमारियों से जूझ रहे हैं तो आपको पर्दे के रंग पर खास ध्यान देना चाहिए। पर्दे और दीवारों के रंग वास्तु शास्त्र के अनुसार बहुत महत्व रखते हैं और इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। तो आइए आपको बताएं कि वास्तु के अनुसार पर्दे घर में कैसे होने चाहिए।

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में दिशा के अनुसार चुने पर्दे का रंग

  1. घर की दक्षिण दिशा में लाल रंग के पर्दे लगाने से परिवार के लोगों का आपसी प्रेम बढ़ता है और घर में शांति आती है। लाल रंग बहादुरी और शक्ति का प्रतीक है।

  2. यदि पति-पत्नी में प्रेम न हो तो बेडरूम में नारंगी, पिंक या नीला रंग प्रयोग किया जा सकता है। लेकिन लाल रंग बेडरूम में प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये अत्यधिक ऊर्जा प्रदान करता है। रिलेशनशिप में परेशानी हो रही है तो आपको अपने बैडरूम में इस नारंगी रंग का पर्दा लगाना चाहिए इससे सम्बन्धों में प्रग्राढ़ता तथा मधुरता आएगी। गुलाबी रंग के पर्दा लगाने से मानसिक शांति, रिश्तों में मधुरता तथा दाम्पत्य जीवन  रोमांस से भरा रहता है।

  3. यदि घर में शांति न रहती हो या कलह का माहौल रहता हो तो उत्तर दिशा के कमरे में नीले रंग के पर्दे लगाने चाहिए। यह रंग हमारे सपने को साकार तथा समृद्धि और सुकून देने वाला माना जाता है। इस रंग के परदे का प्रयोग मुख्य रूप से मेडिटेशन रूम, बेडरूम और ड्राइंग रूम में करना चाहिए। इस रंग के प्रभाव से जातक में शांति और धैर्य का विकास होता है।

  4. यदि घर में भक्ति भावना नहीं तो पीले रंग के पर्दे पूजा घर में लगाएं। पीला रंग ज्ञान, तपस्या, पोषण, धैर्य तथा आध्यात्मिकता का प्रतीक है।

  5. यदि कर्ज से परेशान हैं तो आपको आपकी घर की उत्तर दिशा में नीले रंग के पर्दे लगाने चाहिए।

  6. यदि कठिन परिश्रम करने के बाद भी मेहनत का फल नहीं मिलता तो आपको घर के पश्चिम दिशा में सफेद रंग के पर्दे लगाने चाहिए। ऐसा करने से आपको अपनी परेशानियों में कमी होगी।

  7. यदि नौकरी नहीं मिल रही या व्यापार में घाटा चल रहा हो तो आपको घर के पूर्व दिशा में हरे रंग के पर्दे लगाएं। हरा रंग विकास तथा सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। ये रंग शरीर के स्नायु तंत्रको मजबूत बना कर हमारे मन-मस्तिष्क को स्फूर्ति देता है। ये रंग अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक होता है। ये पर्दा आप स्टडी रूप में लगाएंगे तो इससे एकाग्रता बढ़ेगी।

  8. यह रंग शांति प्रदान करने वाला रंग है। यह रंग सर्वगुण सम्पन्न है। यदि आपका बेडरूम के उत्तर-पश्चिम या केवल पश्चिम दिशा में है तो आप क्रीम या सफेद रंग के परदे लगा सकते है। ड्राइंग रूम में भी आप क्रीम या सफेद रंग के परदे का प्रयोग कर सकते हैं।

तो अपनी जरूरत और समस्याओं के अनुसार घर में पर्दे के रंग का चयन करें और वास्तु नियमों का ध्यान रखें। काले या गहरे रंग के पर्दे लगाने से हमेशा बच कर रहें।  

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