चंद्र ग्रहण सूतक 2020: क्या होता है सूतक, जानिए इसका अर्थ और चंद्रग्रहण में क्या हैं इसके नियम

Chandra Grahan 2020: इस बार चंद्र ग्रहण 5 जून को लगने जा रहा है। यह साल का दूसरा चंद्र ग्रहण है। जानिए 5 जून को पड़ने वाले ग्रहण में क्या है सूतक टाइम, साथ ही जानिए सूतक का क्या अर्थ होता है-

Chandra Grahan Lunar Eclipse Sutak 2020: What is a Sutak, know its meaning and what are its rules in lunar eclipse
चंद्र ग्रहण 2020 

मुख्य बातें

  • इस बार चंद्र ग्रहण 5 जून को लगने जा रहा है यह साल का दूसरा चंद्र ग्रहण है
  • चंद्र ग्रहण तभी होता है जब पृथ्वी, सूरज और चंद्रमा तीनों एक सीध में आ जाते हैं
  • चंद्र ग्रहण में सूतक का काफी महत्व होता है

चंद्र ग्रहण खगोलीय दुनिया की एक अहम घटना है जिसमें चंद्रमा पृथ्वी की परछाई तले आ जाता है। इस घटना को चंद्रग्रहण कहते हैं। इस साल 5 जून को चंद्र ग्रहण पड़ने वाला है। आपको बता दें कि ये इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण है। इस साल का पहला चंद्र ग्रहण 10 जनवरी को लगा था। चंद्र ग्रहण तभी होता है जब पृथ्वी, सूरज और चंद्रमा तीनों एक सीध में आ जाते हैं। इसमें चंद्रमा और सूरज के बच में पृथ्वी आ जाती है। 

5 जून को लगने जा रहे चंद्र ग्रहण को यूरोप से भी देखा जा सकता है। 5 जून को लगने जा रहे चंद्र ग्रहण को यूरोप, अफ्रीका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया से भी देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि यह आम तौर पर दिखने वाले पूर्ण चंद्र ग्रहण से काफी अलग होगा। 

चंद्र ग्रहण सूतक क्या होता है

सूतक उस समय को कहा जाता है जब किसी शुभ कार्य को करने की मनाही होती है। लोगों को इस दौरान देवी देवताओं की प्रतिमा को छूने की मनाही होती है। यहां तक कि मंदिर के दरवाजे भी बंद कर दिए जाते हैं। सूतक का समय चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण दोनों के समय होता है। यह चंद्र ग्रहण लगने के 9 घंटे पहले से शुरू हो जाता है। 5 जून को लगने वाले चंद्र ग्रहण की पूर टाइमिंग है 3 घंटे 18 मिनट। इसका मतलब है 3 घंटे 18 मिनट तक चंद्र ग्रहण का प्रभाव रहने वाला है। 11:15 बजे रात में शुरू होगा चंद्र ग्रहण और 12 बजकर 54 मिनट पर चंद्र ग्रहण दिखाई दे सकता है। इसके अलावा यह 6 जून पूर्वान्ह 2 बजकर 34 मिनट तक रह सकता है।

उपाचय ग्रहण के दौरान इस बार सूतक समय वैध नहीं माना जाएगा। उपाचय ग्रहण के दौरान सूरज, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में पूरी तरह से नहीं होंगे। इसलिए इस बार ना ही मंदिर के कपाट बंद होंगे और ना ही कोई भी धार्मिक काम रुकेगा। 

चंद्र ग्रहण सूतक टाइम- क्या ना करें

  • ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार का भोजन व पानी ग्रहण ना करें अपने आपको इससे परहेज करना चाहिए।
  • किसी भी शुभ कार्य को करने से परहेज करना चाहिए साथ ही भगवान की पूजा की भी मनाही होती है।
  • इस दौरान मंदिर के सभी कपाट बंद होने चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को इस दौरान घर के अंदर होना चाहिए, उन्हें चंद्र ग्रहण का दर्शन नहीं करना चाहिए वरना माना जाता है कि इसका अजन्मे बच्चे पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

चंद्र ग्रहण सूतक टाइम- क्या करें

  • जब ग्रहण खत्म हो जाए तो स्नान कर लेना चाहिए साथ ही मंदिर को गंगाजल से साफ करना चाहिए।
  • ग्रहण के दौरान अपने-अपने पूर्वजों को याद करते हुए जरूरतमंदों को दान देना चाहिए।
  • घर पर लगे तुलसी पर गंगाजल छिड़कना चाहिए इससे घर शुद्ध हो जाता है।
  • इसके साथ ही ग्रहण खत्म हो जाने के बाद घर को साफ करना चाहिए।
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