ISRO के PSLV-C48 रॉकेट का सफल लॉन्च, रिसैट-2बीआर1 सहित 10 सैटेलाइट कक्षा में पहुंचाए

साइंस
Updated Dec 11, 2019 | 16:28 IST

ISRO RISAT2BR1 Launch: इसरो के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी सी48 रॉकेट ने रिसैट-2बीआर1 सहित कई विदेशी सैटेलाइटों के साथ सफल उड़ान भरी और सभी उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षा में पहुंचाया।

मुख्य बातें

  • ISRO के PSLV-C48 रॉकेट ने निगरानी सैटेलाइट रिसैट-2बीआर1 को किया लॉन्च
  • अमेरिका, इजरायल, इटली और जापान के 9 विदेशी सैटेलाइट अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित
  • नई सफलता के साथ इसरो ने किया 319 विदेशी उपग्रहों का सफल लॉन्च

नई दिल्ली: इसरो के पीएसएलवी रॉकेट ने बुधवार को श्रीहरिकोटा से एक और सफल लॉन्च को अंजाम दिया। पीएसएलवी-सी 48 रॉकेट ने भारत के पृथ्वी निगरानी उपग्रह रिसैट-2बीआर1 और नौ विदेशी उपग्रहों को सफलतापूर्वक उनकी कक्षा में पहुंचा दिया। इन उपग्रहों का प्रक्षेपण न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड के साथ हुए व्यावसायिक करार के तहत किया गया है। इसरो ने बताया कि रिसैट-2बीआर1 मिशन की उम्र पांच साल है।

यह प्रक्षेपण अंतरिक्ष एजेंसी के लिए महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि यह पीएसएलवी की 50वीं उड़ान है और श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित किया जाने वाला 75वां रॉकेट था। इसरो के इस रडार इमेजिंग पृथ्वी निगरानी उपग्रह का वजन लगभग 628 किलोग्राम बताया जा रहा है। भारतीय उपग्रह को 576 किलोमीटर की एक कक्षा में रखा गया है। रिसैट-2बीआर1 से पहले 22 मई को रिसैट-2बी का सफल प्रक्षेपण किया गया था।


भारतीय उपग्रह के साथ नौ विदेशी उपग्रह में अमेरिका (मल्टी-मिशन लेमूर-4 उपग्रह), टेक्नोलॉजी डिमॉस्ट्रेशन टायवाक-0129, अर्थ इमेजिंग 1हॉपसैट), इजरायल (रिमोट सेंसिंग डुचिफट-3), इटली (सर्च एंड रेस्क्यू टायवाक-0092) व जापान (क्यूपीएस-एसएआर-एक रडार इमेजिंग अर्थ ऑब्जरर्वेशन सैटेलाइट) शामिल हैं।


इन विदेशी उपग्रहों को न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के साथ एक वाणिज्यिक व्यवस्था के तहत लॉन्च किया गया है। अब तक, इसरो ने 310 विदेशी उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया है और 11 दिसंबर का मिशन सफल होने पर यह संख्या 319 हो गई है।

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर