इतिहास रचने के करीब भारत, अपने लक्ष्य से चंद कदम दूर चंद्रयान-2, ISRO ने ऐसे दी शुभकामनाएं

साइंस
Updated Sep 06, 2019 | 16:03 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

इसरो ने चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को प्रक्षेपित किया था। इसके बाद से चंद्रयान-2 रोज नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। शुक्रवार मध्यरात्रि अंतरिक्ष यान चंद्रमा पर लैंड करेगा।

Chandrayaan 2
चंद्रयान 2  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • 22 जुलाई को चंद्रय़ान-2 को इसरो ने श्रीहरिकोटा सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार के दूसरे लान्च पैड से प्रक्षेपित किया था
  • इसरो ने सॉफ्ट लैंडिंग से पहले ट्वीट कर दी शुभकामनाएं
  • चंद्रयान-2 विक्रम लैडर शुक्रवार देर रात 1:30 से 2:30 बजे के करीब चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा

नई दिल्ली: भारत का महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन चंद्रयान-2 अपने लक्ष्य से बस चंद कदम दूर हैं। भारत सहित दुनिया के तमाम देश इसके सफलता पर टकटकी लगाए बैठे हैं। चंद्रयान- जैसे- जैसे अपने अंजाम के करीब पहुंच रहा है, वैसे ही वैज्ञानिकों के दिल की बैचेनी बढ़ती जा रही है। सभी इस मिशन की सफलता को आशानवित हैं।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुताबिक, चंद्रयान-2 विक्रम लैडर शुक्रवार देर रात 1:30 से 2:30 बजे के करीब चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। जबकि रोवर (प्रज्ञान) शनिवार तड़के 5:30 से 6:30 बजे के करीब लैंडर विक्रम से बाहर निकलेगा। बता दें कि रोवर (प्रज्ञान) लैंडर के अंदर है और यह 1 सेंटीमीटर/ सेकेंड की रफतार से लैंडर से बाहर निकलेगा। इसको निकलने में 4 घंटे लगेगा और बाहर आने के बाद चंद्रमा की सतह पर 500 मीटर तक चलेगा।

जानकारी के अनुसार, अभी तक कुल 38 बार चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास स्पेस एंजेंसियों द्वारा किया गया जिसमें सफलता दर 52 प्रतिशत है। बता दें कि अगर चंद्रयान-2 अपने मिशन में सफल हो जाता है तो भारत ऐसा करने वाला चौथा देश होगा। इससे पहले अमेरिका,रूस और चीन चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग कर चुके हैं। 

इसरो ने दी शुभकामनाएं
चंद्रयान- 2 के चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग से कुछ घंटे पूर्व इसरो ने एक भावनात्मक ट्वीट किया। इसरो ने ट्वीट करते हुए कहा लैंडर और विक्रम को शुभकामनाएं दी। लूनर ऑर्बिटर ने लैंडर विक्रम को रिहा करते हुए कहा, यह आपके साथ बहुत ही अच्छी यात्रा थी विक्रम। शुभकामनाएं! मुझे आशा है कि आप जल्द ही दक्षिण ध्रुव पर पहुंचेंगे।' इस पर विक्रम का जवाब आता है,'यह वास्तव में काफी यात्रा थी! मैं आपको चारों ओर देखूंगा - कक्षा में।'

इसरो ने ट्वीट किया, 'विक्रम, ऑर्बिटर के लिए हमारी समान इच्छाएं हैं। हम विक्रम और प्रज्ञान के संपर्क में रहना चाहते हैं क्योंकि ये अछूते चंद्र दक्षिण ध्रुव पर अपना रास्ता बनाते हैं और इसके कई रहस्यों को उजागर करते हैं! तो फिर सीवाई 2 इतिहास के अगले संस्करण के लिए नज़र रखें!' बता दें कि अगर चंद्रयान-2 अपने मिशन में कामयाब होता है, तो भारत अपने पहले प्रयास में चंद्र दक्षिण ध्रुव के करीब उतरने वाला पहला देश बन जाएगा।

भारतीय प्रतिभा का प्रदर्शित करता है चंद्रयान-2: पीएम मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी ने भी चंद्रयान-2 की चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग से कुछ घंटे पहले ट्वीट किया। उनहोंने कहा,'मैं 22 जुलाई 2019 को चन्द्रयान - 2 से संबंधित सभी अपडेट को नियमित रूप से और उत्साहपूर्वक ट्रैक कर रहा हूं। यह मिशन भारतीय प्रतिभा और तप की भावना को प्रदर्शित करता है। इसकी सफलता से करोड़ों भारतीयों को लाभ होगा।'

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चंद्रयान- 2 की ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग' का गवाह बनने के लिए देशभर से प्रतियोगिता द्वारा चुने गए करीब 60-70 छात्रों के साथ इसरो के बेंगलुरु केंद्र में मौजूद रहेंगे। बता दें कि चंद्रयान 22 जुलाई को इसरो द्वारा आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार के दूसरे लान्च पैड से 2: 43 बजे प्रक्षेपित किया था।

 

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