मिशन चंद्रयान-2 लॉन्च के लिए पूरी तरह से तैयार, रिहर्सल पूरी, इसरो ने की पुष्टि

साइंस
Updated Jul 21, 2019 | 15:49 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

मिशन चंद्रयान 2, 22 जुलाई को 2 बजकर 43 मिनट पर लॉन्च किया जाएगा। इसके लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसरो ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।

MISSION CHANDRAYAAN 2
मिशन चंद्रयान 2 (सोर्स- इसरो) 

नई दिल्ली : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 के लॉन्चिंग की सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। इसरो ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। इसके पहले 15 जुलाई को चंद्रयान-2 लॉन्च किया जाना था लेकिन तकनीकी समस्या आ जाने के कारण इसी लॉन्चिंग टाल दी गई थी और इसकी डेट बढ़ाकर 22 जुलाई कर दी गई थी। 

इसरो ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 मिशन की लॉन्चिंग के लिए रिहर्सल पूरी कर ली गई है। इसरो के मुताबिक इसे 22 जुलाई सोमवार को दोपहर 2 बजकर 43 मिनट पर लॉन्च किया जाएगा। स्पेस एजेंसी ने ये भी कहा कि जिस तकनीकी खराबी के कारण 15 जुलाई को इसकी लॉन्चिंग रोकी गई थी उसे भी सही कर लिया गया है।

बता दें कि इसी महीने की 15 तारीख को चंद्रयान-2 को लॉन्च करने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। सोमवार 2 बजकर 51 मिनट पर इसे श्रीहरिकोट से लॉन्च किया जाना था लेकिन इसके कुछ एक घंटे पहले मिशन को स्थगित कर दिया गया क्योंकि जिस रॉकेट से चंद्रयान-2 लॉन्च किया जाना था उस लॉन्चिंग रॉकेट में तकनीकी खराबी पाई गई थी। 

 

 

कुछ समय पहले ही पूर्व इसरो चेयरमैन एएस किरण कुमार ने कहा था कि चंद्रयान-2 लॉन्चिंग की पूरी तैयारी हो चुकी है। उन्होंने कहा था कि चंद्रयान-2 22 जुलाई को लॉन्च के लिए पूरी तरह से तैयार है। हम 14 अगस्त कर चंद्रमा के निकट तक पहुंच जाएंगे और 6 सितंबर तक चंद्रमा पर हमारा यान उतर जाएगा। सारी प्रक्रिया तेजी से की जा रही है और हम 22 जुलाई के पूरी तरह से अब तैयार हैं।

कुछ तकनीकी समस्याओं की वजह से पिछले सप्ताह इसकी लॉन्चिंग टाल दी गई थी। उस समस्या का निदान पाने के लिए हमने कई बार रॉकेट और अन्य उपकरणों का परीक्षण किया। हमने कई स्तर पर इसकी टेस्टिंग की। लेकिन इस बार हमने सभी समस्याओं का निदान कर लिया है। अब हम उड़ने के लिए तैयार हैं। 

चंद्रयान-2 होम मेड टेक्नोलॉजी है जो चंद्रमा के उस हिस्से में लैंड करने के लिए तैयार है जहां पर अब तक किसी ने भी प्रवेश नहीं किया है। स्पेसक्राफ्ट में एक ऑर्बिटर, एक लैंडर और एक रोवर है। जिन्हें एक साथ कम्पोजिट बॉडी नाम दिया गया है।

इसका कुल द्रव्यमान 3.8 टन है और यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 6-7 सितंबर को उतर जाएगा। इस मिशन के सफल होने के बाद चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला भारत अमेरिका, रूस, और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।   

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