Panchamrit: पूजा में इस्तेमाल होने वाला पंचामृत करता है इम्यून को मजबूत, कोरोना से बचने के लिए घर पर ऐसे बनाएं

Benefits of Panchamrit: पूजा में प्रसाद के रूप में इस्तेमाल होने वाला पंचामृत सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह न सिर्फ संक्रामक रोगों से बचाता है बल्कि इससे इम्यूनिटी भी बूस्ट होती है।

Panchamrit
पूजा में इस्तेमाल होने वाला पंचामृत करता है इम्यून को मजबूत 

मुख्य बातें

  • ग्रंथों में पंचामृत है अलग महत्व।
  • इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए अपनाएं आयुर्वेदिक तरीका
  • जानें पंचामृत के फायदे।

पूजा में प्रसाद के रूप में पंचामृत का बहुत महत्व है। पंचामृत का मतलब होता है पांच पवित्र वस्तुओं से बनाया गया अमृत। इसको पीने से व्यक्ति के अंदर सकारात्मक भाव पैदा होते हैं। इसके साथ यह सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद हैं। पंचामृत को पीने से इम्यूनिटी बढ़ती है और यह संक्रामक रोगों से भी बचाता है। बता दें कि इन दिनों कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इम्यूनिटी को मजबूत रखने की सलाह दी जा रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना वायरस की चपेट में वो लोग आसानी से आ जाते हैं जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है।

इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए अपनाएं आयुर्वेदिक तरीका
इम्यूनिटी मजबूत रखने के लिए आर्युर्वेदिक तरीका बेस्ट माना जाता है। भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली ऐसी कई चीजें हैं, जिनका सेवन करने से हम अपनी इम्यूनिटी को मजबूत कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है पंचामृत, जिसे पूजा में प्रसाद के रूप में इस्तेमाल करते हैं। पंचामृत न सिर्फ शरीर को संक्रमण से बचाता है बल्कि इम्यूनिटी को मजबूत करने की भी क्षमता रखता है। खास बात है कि इसे आप आसानी से मिनटों में बना सकते हैं और इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें आसानी से उपलब्ध होती हैं।

पंचामृत के फायदे
अगर शरीर में कैल्शियम की कमी है तो पंचामृत पिएं। इससे आपको काफी फायदा होगा।
पंचामृत में इस्तेमाल होने वाली सामाग्री से शरीर को उर्जा मिलती हैं। 
पंचामृत में तुलती के पत्तों का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसमें मौजूद तत्व किसी भी तरह के रोग से शरीर को बचाता है।
रोजाना इसके सेवन से संक्रामक रोग दूर रहते हैं और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
सेहत के अलावा त्वचा के लिए भी है फायदेमंद। इससे चेहरे की रंगत निखरती है और चमक आ जाती है।

ग्रंथों में पंचामृत है अलग महत्व
पंचामृत का उल्लेख ग्रंथों में किया गया है। यही वजह है कि इसे भगवान को चढ़ाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान पर चढ़ाए गए पंचामृत को पीने से व्यक्ति जन्म और मृत्यु के बंधन से मुक्त हो जाता है। इसके अलावा जो व्यक्ति पंचामृत का पान करता है उसे जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। प्रसाद के रूप में इसका बहुत महत्व है। 
 
सामग्री:
ताजा गाय का दूध
मिश्री पीसी हुई

मेवा
शहद
देशी घी
दही
तुलसी के पत्ते 

इस तरह बनाएं

  • इसके लिए सबसे पहले एक बर्तन में गाय के ताजे दूध, पिसी हुई मिश्री, शहद, दही और घी मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें।
  • अब इसमें तुलसी के पत्ते मिलाएं और पंचामृत तैयार है।
  • अगर आप चाहे तो इसमें मेवा भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • ध्यान रहें कि पंचामृत को उसी दिन खत्म कर दें। इसे अगले दिन के लिए न रखें।
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