Ranchi Sadar Hospital: रांची सदर अस्पताल में अब हार्ट, कैंसर और किडनी का भी होगा इलाज, मरीजों को राहत

Ranchi Sadar Hospital: राजधानी के लोगों को जल्द ही कई गंभीर रोगों को इलाज कराने में सहूलियत होगी। उन्हें निजी अस्पतालों का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। या फिर शहर के बाहर जाने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा।

Serious diseases will also be treated in Ranchi Sadar Hospital
रांची सदर अस्पताल में गंभीर रोगों का भी होगा इलाज (प्रतीकात्मक तस्वीर)  |  तस्वीर साभार: ANI
मुख्य बातें
  • सदर अस्पताल में नए भवन बनकर तैयार, सेवाएं बढ़ेंगी
  • अस्पताल में 500 बेड पर शुरू किया जाना है इलाज
  • डॉक्टर, नर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भी होगी बहाली

Ranchi Sadar Hospital: रांचीवासियों के लिए बेहद अच्छी खबर है। यहां स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार किया गया है। सदर अस्पताल में सेवाओं में बढ़ोतरी से लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। सदर अस्पताल में नए भवन बनकर तैयार हो चुके हैं। इनमें अगले दो से तीन महीने में मरीजों का इलाज भी शुरू हो जाएगा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अब सदर अस्पताल में किडनी, हार्ट और कैंसर का भी इलाज किया जाएगा। इससे लोगों को निजी अस्पतालों में मोटी रकम खर्च करने से छुटकारा मिलेगा। वहीं, रिम्स में रोगियों का दबाव कम हो जाएगा। 

सदर अस्पताल को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जा रहा है। यहां न्यूरो, कार्डियक, अंकोलॉजी, यूरोलॉजी और सी-टीवीएस विभाग खोले जाएंगे। फिलहाल सात मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं। सेंट्रल स्टरलाइज्ड सप्लाई डिपार्टमेंट, लांड्री, मॉड्यूलर किचन, सेंटलाइज्ड ऑक्सीजन सर्विस, फायर फाइटिंग सिस्टम आदि बनकर तैयार हैं। 

अस्पताल में 500 बेड पर होगा इलाज

सदर अस्पताल में 500 बेडों पर मरीजों का इलाज शुरू करने की तैयारी है। हालांकि इसके लिए अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति करनी होगी। इसके अलावा नर्स एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ भी नियुक्ति कराना होगा। अभी अस्पताल के लिए दो नए प्राइवेट पीडियाट्रिक सर्जन और तीन यूरोलॉजिस्ट की सेवा कांट्रैक्ट के आधार पर ली जा रही है। निकटतम भविष्य में कार्डियक और न्यूरो के डॉक्टर से भी एमओयू कराया जाना है। 

इन व्यवस्थाओं पर भी करना होगा काम

सदर अस्पताल में डॉक्टरों, नर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति कराने के अलावा कई काम करने में होंगे। जैसे- एचवीएसी, इलेक्ट्रिकल वर्क, प्लंबिंग, लॉन्ड्री, एमजीपीएस, सीएसएसडी, एसटीपी, फायर फाइटिंग सिस्टम के लिए तकनीकी मैनपावर को ट्रेनिंग दिलानी होगी। 

पानी को रिसाइकल करने की भी व्यवस्था

सदर अस्पताल में नए भवन के बाहर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है। इस प्लांट में गंदा पानी को रिसाइकल करके फिर से इस्तेमाल में लाया जाएगा। हर दिन करीब 4 लाख लीटर पानी को रिसाइकल करके फिर से इस्तेमाल किया जाएगा। 
 

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