Pune E-Bus: पुणेवासियों के लिए अच्छी खबर, एक जून से सड़कों पर दौड़ेंगी पचास ई-बसें, जानिए कौनसे हैं रूट्स

Pune E-Bus: पुणेवासियों के लिए अच्छी खबर है। अब शहर से कई अन्य शहरों तक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। एक जून से इसकी शुरुआत कर दी जाएगी जिससे यात्रियों को काफी राहत पहुंचेगी।

electric buses in pune
पुणे में जून से सड़कों पर दौड़ेंगी 50 ई-बस  |  तस्वीर साभार: BCCL
मुख्य बातें
  • पुणेवासियों के लिए आई अच्छी खबर
  • एक जून से चलेंगी 50 इलेक्ट्रिक बसें
  • यात्रा आरामदायक और प्रदूषण कम

Pune E-Bus: पुणेवासियों के लिए अच्छी खबर है। पुणे से कई शहरों को इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। प्रदूषण को कम करने के मामले में तो ये बसें बेस्ट होंगी ही, साथ ही यात्रा भी आरामदायक बनाएंगी। लोगों को कई रूट्स पर इन बसों के चलने से फायदा मिलेगा। ग्रीनसेल मोबिलिटी आने वाले जून महीने से इस तरह की 50 ई—बसों को चलाने की तैयारी कर रहा है।

ये बसें पुणे-अहमदनगर रूट पर चलेंगी और कोल्हापुर, नासिक, औरंगाबाद और सोलापुर जैसे शहरों को कवर करेंगी। इन बसों के संचालन से यात्रियों को इन रूट्स पर काफी सहूलियत मिलेगी। गौरतलब है कि इन बसों की शुरुआत महाराष्ट्र रीजनल स्टेट ट्रांसपोर्ट फाउंडेशन डे यानी एक जून से की जाएगी। इन इलेक्ट्रिक बसों को 'शिवई' कहा जाएगा, जिन्हें पूरे महाराष्ट्र में चरणों के अनुसार चलाया जाएगा। 

यहां से होगी शुरुआत 

सबसे पहले पुणे-अहमदनगर मार्ग के विस्तार के रूप में 10 बसें पुणे और औरंगाबाद के बीच चलेंगी। वहीं करीब 12 बसें पुणे-कोल्हापुर रूट पर चलेंगी और पुणे-नासिक के बीच 18 बसें चलेंगी। इसी के साथ 10 बसें पुणे-सोलापुर रूट को कवर करेंगी। 

90 से 120 मिनट में होगी चार्ज

इलेक्ट्रिक बसों को पावर देने वाली लिथियम-आयन बैटरी होगी जो पूरी तरह चार्ज होने में लगभग 90 से 120 मिनट का समय लेती है। ये बसें एसी केबिन से लैस होंगी। इन बसों से लगभग 3,743 टन CO2 उत्सर्जन से बचा जा सकेगा। ग्रीनसेल मोबिलिटी के एमडी और सीईओ अशोक अग्रवाल ने बताया कि इन ई-बसों का उद्देश्य राज्य में हरित और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। हम इस प्रयास में MSRTC के साथ साझेदारी करके बहुत खुश हैं और यात्रियों को यात्रा का एक आरामदायक, सुरक्षित और हरित मार्ग प्रदान करने के लिए तत्पर हैं।

प्रदूषण कम करने में कारगर

आपको बता दें कि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन धीरे-धीरे देश के कई शहरों तक पहुंच रहा है। पेट्रोल और डीजल की महंगाई के बीच पब्लिक ट्रांस्पोर्ट का इलेक्ट्रिक रूप में चलना भविष्य के लिए काफी उपयोगी भी साबित हो सकता है। इतना ही नहीं, इस तरह की ई—बसों से सबसे ज्यादा राहत प्रदूषण से मिलेगी।

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