आपने कई बार देखा होगा कि पुलिस या सुरक्षा बलों की वर्दी में कंधे पर एक रस्सी लगी होती है। क्या आपको पता है कि वर्दी में लगी यह रस्सी क्यों होती है और इसे क्या कहते हैं?
सबसे पहले आपको बता दें कि इस रस्सी को लैनयार्ड (Lanyard) कहते हैं। जिसे पुलिसकर्मी या सैन्यकर्मी आपातकालीन स्थिति, ट्रैफिक कंट्रोल या फिर अपने सहयोगियों को संदेश देने के लिए पहनते हैं।
यह रस्सी एक तरह के पुलिसकर्मी और सैन्यकर्मी के लिए एक तरह से उनके सम्मान और रैंक को भी दर्शाती है। जहां आम तौर पर, कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर लेवल तक के पुलिसकर्मियों में लगी यह रस्सी खाकी रंग की होती है।
वहीं राजपत्रित अधिकारी (Gazetted officers) के कंधे पर लगी यह रस्सी नेवी ब्लू कलर की होती है। इसके अलावा राज्य में रिजर्व फोर्स के पुलिस कॉन्सटेबल्स के लिए भी यह रस्सी नेवी ब्लू कलर की होती है।
पुलिस की वर्दी में लगी यह रस्सी ड्यूटी के समय कई काम में आती है। जैसे इस रस्सी के सहारे पुलिस वाले अपने हथियार को सुरक्षित रखने या फिर किसी सुरक्षा उपकरण को बांधने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
इस रस्सी से एक सीटी भी बंधी होती है, जिसे आपातकाल या फिर ट्रैफिक कंट्रोल करने के दौरान पुलिस वाले इसका उपयोग करते हैं। सीटी इस रस्सी से बंधी उनके जेब में रखी होती है।
वर्दी में दिखने वाली यह रस्सी सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों के दोनों कंधों की तरफ लगी होती हैं। आमतौर पर बाएं कंधे की तरफ लगी रस्सी में सीटी लगी होती है, जिसे जेब में रखा जाता है। वहीं, दाएं तरफ लगी रस्सी में अधिकारी अपने हथियार को अटैच करके रखते हैं।