Interesting Facts: Delhi Metro की पिंक और मैजेंटा लाइन की रंगीन सीटों का क्या है राज, जानिए असली वजह

Interesting Facts: दिल्ली मेट्रो आज शहर की सबसे जरूरी और आधुनिक परिवहन सुविधाओं में से एक है। समय के साथ मेट्रो में कई बदलाव किए गए हैं, जिनमें से एक खास बदलाव पिंक लाइन और मैजेंटा लाइन की रंगीन सीटें हैं। इन लाइनों में सफर करने वाले लोग अक्सर देखते हैं कि यहां सीटें नीले, गुलाबी, नारंगी जैसे अलग-अलग रंगों में होती हैं।

Authored by: Monu JhaUpdated Feb 15 2026, 17:05 IST
​सोच-समझकर लिया गया फैसला​Image Credit : IStock01 / 07

​सोच-समझकर लिया गया फैसला​

यह सिर्फ सजावट के लिए नहीं, बल्कि एक सोच-समझकर लिया गया डिजाइन फैसला है। पिंक लाइन (लाइन 7) और मैजेंटा लाइन (लाइन 8) को दिल्ली मेट्रो के फेज-3 के तहत शुरू किया गया था। ये लाइनें पुरानी लाइनों की तुलना में ज्यादा आधुनिक सुविधाओं के साथ बनाई गई हैं।

​ नए डिजाइन और बेहतर लुक​Image Credit : IStock02 / 07

​ नए डिजाइन और बेहतर लुक​

इसी वजह से इनके कोच भी नए डिजाइन और बेहतर लुक के साथ तैयार किए गए। रंगीन सीटों का मकसद यात्रियों को सुविधा देना और कोच को ज्यादा आकर्षक बनाना था। इन लाइनों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें और कोच पहचानने में आसानी हो, इसलिए गुलाबी रंग का उपयोग किया गया है।

​ नीले और नारंगी सीटें​Image Credit : IStock03 / 07

​ नीले और नारंगी सीटें​

इससे यात्रियों को बिना किसी परेशानी के समझ आ जाता है कि कौन-सी सीट महिलाओं के लिए है। वहीं सामान्य यात्रियों की सीटों के लिए नीले और नारंगी जैसे रंग रखे गए हैं, ताकि कोच का माहौल हल्का और साफ दिखाई दे।

​ वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और जरूरतमंद यात्रियों के लिए आरक्षित सीटें​Image Credit : IStock04 / 07

​ वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और जरूरतमंद यात्रियों के लिए आरक्षित सीटें​

इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और जरूरतमंद यात्रियों के लिए आरक्षित सीटों को गहरे रंग से अलग दिखाया जाता है। इससे लोग तुरंत पहचान लेते हैं कि ये सीटें खास यात्रियों के लिए हैं और अनावश्यक भ्रम कम होता है।

​हजारों लोगों के लिए काफी मददगार साबित​Image Credit : IStock05 / 07

​हजारों लोगों के लिए काफी मददगार साबित​

यह छोटा सा बदलाव रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों के लिए काफी मददगार साबित होता है। अगर पुरानी लाइनों की बात करें, जैसे ब्लू लाइन या येलो लाइन, तो वहां सीटों का रंग ज्यादातर सिल्वर या ग्रे था।

​ मेट्रो को किया गया ज्यादा मॉडर्न​Image Credit : IStock06 / 07

​ मेट्रो को किया गया ज्यादा मॉडर्न​

लेकिन नई लाइनों में रंगों का इस्तेमाल करके मेट्रो को ज्यादा मॉडर्न और फ्रेंडली लुक दिया गया। कुल मिलाकर, पिंक और मैजेंटा लाइन की रंगीन सीटें सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं हैं।

​आरक्षित सीटों की आसान पहचान​Image Credit : IStock07 / 07

​आरक्षित सीटों की आसान पहचान​

बल्कि यात्रियों की सुविधा, आरक्षित सीटों की आसान पहचान और बेहतर सफर अनुभव देने के लिए बनाई गई हैं। यही कारण है कि ये लाइनें बाकी लाइनों से अलग और खास महसूस होती हैं।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!