किस देश का राष्ट्रीय पक्षी है कौआ, भारत के बिल्कुल पड़ोस में है स्थित

Interesting Facts: हम सभी जानते हैं कि कौआ हमारा राष्ट्रीय पक्षी है। कोई भी देश अपना राष्ट्रीय प्रतीक उसी चीज को बनाता है, जो उसकी संस्कृति, विरासत और इतिहास में महत्व रखती है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारत के एक पड़ोसी देश ने कौआ को अपना राष्ट्रीय पक्षी बनाया है।

Authored by: आदित्य साहूUpdated Feb 11 2026, 17:57 IST
कौन सा है वह देशImage Credit : IStock01 / 07

कौन सा है वह देश

अब सवाल उठता है कि वह देश कौन सा है। अगर भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो इसके पड़ोस में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, म्यांमार आदि पड़ते हैं।

हम बताते हैं आपकोImage Credit : IStock02 / 07

हम बताते हैं आपको

अगर आपको इस सवाल का जवाब नहीं पता तो चलिए हम आपको बताते हैं कि किस देश का राष्ट्रीय पक्षी कौआ है। इसके साथ ही हम आपको यह भी बताएंगे कि क्यों इस देश ने अपना राष्ट्रीय पक्षी कौआ बनाया है।

भूटान का राष्ट्रीय पक्षीImage Credit : IStock03 / 07

भूटान का राष्ट्रीय पक्षी

बता दें कि भूटान का राष्ट्रीय पक्षी कौआ है। बेसिकली यह कौआ की एक प्रजाति रेवेन (Raven) है। रेवेन का वैज्ञानिक नाम Corvus corax होता है। इसे हिंदी भाषा में काला काग कहते हैं।

राजशाही और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीकImage Credit : IStock04 / 07

राजशाही और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक

बता दें कि भूटान में रेवेन राजशाही और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है। भूटान के राजा के क्राउन पर रेवेन का सिर बना होता है।

जारोग डोंगचेनImage Credit : IStock05 / 07

जारोग डोंगचेन

भूटान में रेवेन को जारोग डोंगचेन कहा जाता है। यहां के लोग रेवेन को रक्षा और शुभ संकेत का पक्षी मानते हैं।​

साल 2006 में चुना गया राष्ट्रीय पक्षीImage Credit : IStock06 / 07

साल 2006 में चुना गया राष्ट्रीय पक्षी

भूटान में साल 2006 में रेवेन को देश का राष्ट्रीय पक्षी चुना गया। भूटान के चौथे राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के नेतृत्व में रेवेन को देश का राष्ट्रीय पक्षी चुनने का निर्णय लिया गया।

लेगॉन जारोग डोंगचेन देवता से जुड़ाImage Credit : IStock07 / 07

लेगॉन जारोग डोंगचेन देवता से जुड़ा

भूटान के लोग रेवेन को लेगॉन जारोग डोंगचेन देवता से जुड़ा मानते हैं। बता दें कि लेगॉन जारोग डोंगचेन को भूटान के रक्षकों में से एक माना जाता है। यह एक दिव्य त्रिमूर्ति का हिस्सा हैं। जिसमें येशे गोनपो और पाल्डेन भी शामिल हैं।

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