आपको बता दें कि पूर्णिया जंक्शन वह रेलवे स्टेशन है, जहां से उतरकर यात्री पैदल ही पाकिस्तान जा सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्या सच में संभव है।
चलिए हम आपको इसके बारे में पूरी सच्चाई बताते हैं। हम आपको बताएंगे कि पूर्णिया जंक्शन से कैसे उतरकर यात्री पैदल ही पाकिस्तान जा सकते हैं।
दरअसल, पूर्णिया जिले में पाकिस्तान टोला नाम का गांव है। पूर्णिया जिले के श्रीनगर प्रखंड में एक टोले का नाम 'पाकिस्तान' है। इस टोले में आदिवासी लोगों के परिवार (Tribal in Bihar) रहते हैं।
दरअसल, जब साल 1947 में भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ तो यहां रहने वाले मुसलमान पूर्वी पाकिस्तान यानि बांग्लादेश चले गए थे। उनकी याद में ही इस गांव का नाम पाकिस्तान रखा गया था।
हालांकि, अब गांव में कोई मुस्लिम आबादी नहीं है। इस गांव में अब मुख्य रूप से हिंदू संथाल आदिवासी रहते हैं। इस गांव के नाम को लेकर समय-समय पर विवाद भी होता रहता है और इसे बदलने की मांग भी होती रही है।
इस गांव में रहने वाले निवासी इसका नाम पाकिस्तान से बदलकर बिरसा नगर करने की मांग लगातार कर रहे हैं। गांव के निवासी अपनी मांग प्रसाशन के सामने रखते आए हैं।
पूर्णिया जंक्शन से 'पाकिस्तानी टोला' तकरीबन 30 से 40 किलोमीटर की दूरी पर है। श्रीनगर ब्लॉक की सिंघिया पंचायत में यह गांव आता है।