वैज्ञानिकों ने हाई-स्पीड कैमरों से इन सांपों के हमले को रिकॉर्ड किया है। रिसर्च के अनुसार कई वाइपर प्रजातियों का पूरा स्ट्राइक यानी सिर आगे बढ़ाना, डंसना, जहर भरना और वापस आ जाना — सिर्फ 40 से 90 मिलीसेकंड में पूरा हो जाता है। यानी 0.04 से 0.09 सेकंड।
तुलना करें तो इंसान की आंख झपकने में लगभग 100 से 400 मिलीसेकंड लगते हैं और किसी चीज को देखकर प्रतिक्रिया देने में करीब 200–250 मिलीसेकंड। इसका मतलब साफ है कि वाइपर का हमला इंसान के रिएक्ट करने से पहले ही पूरा हो जाता है।
इसलिए अक्सर कहा जाता है कि वाइपर “पलक झपकते ही” वार कर देता है। कुछ खास उदाहरण और भी हैरान करने वाले हैं। Terciopelo (Bothrops asper) की स्ट्राइक स्पीड लगभग 3.5 मीटर प्रति सेकंड तक मापी गई है।
Gaboon Viper को दुनिया के सबसे तेज स्ट्राइक करने वाले सांपों में माना जाता है, जो 100 मिलीसेकंड से भी कम समय में हमला करता है। Puff Adder और Death Adder भी अचानक घात लगाकर हमला करने वाले सांप हैं और उनका वार भी बेहद तेज होता है।
वाइपर इतने तेज इसलिए होते हैं क्योंकि ये ambush hunter होते हैं। यानी ये पीछा नहीं करते, बल्कि छिपकर सही मौके का इंतजार करते हैं। इनके दांत (hinged fangs) ऐसे बने होते हैं कि हमला करते ही गहराई तक ज़हर पहुंचा देते हैं और तुरंत वापस हो जाते हैं।
हाल की रिसर्च में कई जहरीले सांपों की तुलना की गई, जिसमें वाइपर परिवार सबसे तेज निकला। हालांकि कुछ दूसरे परिवार के सांप भी तेज होते हैं, लेकिन वाइपर की स्ट्राइक तकनीक उन्हें खास बनाती है।
संक्षेप में कहा जाए तो वाइपर सांपों का हमला सच में बिजली की तरह तेज होता है। यही वजह है कि जंगल या खेतों में चलते समय सतर्क रहना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि कई बार खतरा दिखने से पहले ही वार हो चुका होता है।