Ajab Gajab: भारत की इस जनजाति की अनोखी परंपरा, टैटू को मानती हैं इलाज और सुरक्षा कवच

भारत की जनजातीय संस्कृति बहुत पुरानी और खास है। हर जनजाति की अपनी अलग पहचान, परंपराएं और जीवन जीने का तरीका होता है। ऐसी ही एक प्रसिद्ध जनजाति है बैगा जनजाति, जो मुख्य रूप से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के जंगलों में रहती है। इन्हें लोग प्यार से “टैटू वाले हीलर” भी कहते हैं।

Authored by: Monu JhaUpdated Feb 12 2026, 09:55 IST
महिलाएं अपने शरीर पर बनवाती हैं सुंदर और जटिल टैटूImage Credit : IStock01 / 07

महिलाएं अपने शरीर पर बनवाती हैं सुंदर और जटिल टैटू

बैगा जनजाति की सबसे खास पहचान उनके टैटू होते हैं। यहां की महिलाएं अपने शरीर पर सुंदर और जटिल टैटू बनवाती हैं। ये टैटू सिर्फ सजावट के लिए नहीं होते, बल्कि इनके पीछे गहरा विश्वास जुड़ा होता है।

​टैटू शरीर को बीमारियों से बचाते​Image Credit : IStock02 / 07

​टैटू शरीर को बीमारियों से बचाते​

बैगा लोग मानते हैं कि टैटू शरीर को बीमारियों से बचाते हैं और इंसान को बुरी शक्तियों से सुरक्षा देते हैं। बैगा महिलाएं छोटी उम्र से ही टैटू बनवाना शुरू कर देती हैं। हाथ, पैर, चेहरा, गर्दन और पीठ पर अलग-अलग डिजाइन बनाए जाते हैं।

​कुछ टैटू सुंदरता के लिए​Image Credit : IStock03 / 07

​कुछ टैटू सुंदरता के लिए​

हर निशान का अपना मतलब होता है। कुछ टैटू सुंदरता के लिए होते हैं, तो कुछ पहचान के लिए। बैगा समाज में टैटू को गहनों से भी ज्यादा कीमती माना जाता है, क्योंकि गहने तो चोरी हो सकते हैं, लेकिन टैटू हमेशा शरीर के साथ रहते हैं।

​टैटू मरने के बाद भी आत्मा के साथ जाते​Image Credit : IStock04 / 07

​टैटू मरने के बाद भी आत्मा के साथ जाते​

बैगा जनजाति में यह भी माना जाता है कि टैटू मरने के बाद भी आत्मा के साथ जाते हैं। इसलिए महिलाएं इन्हें अपनी असली संपत्ति समझती हैं। पुराने समय में जब इलाज की सुविधा नहीं थी, तब ये लोग टैटू को ही एक तरह का इलाज मानते थे।

​टैटू बनाने से शरीर मजबूत​Image Credit : IStock05 / 07

​टैटू बनाने से शरीर मजबूत​

उनका विश्वास था कि टैटू बनाने से शरीर मजबूत होता है और दर्द सहने की ताकत बढ़ती है। टैटू बनाने का काम खास महिलाएं करती हैं, जिन्हें इस कला का अनुभव होता है। वे सुई और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करती हैं।

​ प्रक्रिया थोड़ी दर्दनाक ​Image Credit : IStock06 / 07

​ प्रक्रिया थोड़ी दर्दनाक ​

यह प्रक्रिया थोड़ी दर्दनाक होती है, लेकिन बैगा महिलाएं इसे खुशी-खुशी सहन करती हैं। आज के समय में भी बैगा जनजाति अपनी परंपरा को संभालकर रखे हुए हैं।

​ टैटू सिर्फ कला नहीं​Image Credit : IStock07 / 07

​ टैटू सिर्फ कला नहीं​

उनके टैटू सिर्फ कला नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति, पहचान और विश्वास का प्रतीक हैं। बैगा जनजाति हमें सिखाती है कि सादगी में भी सुंदरता और गहरी सोच छिपी होती है।

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