कई बार जब मकड़ी आग के पास आ जाती है या जलती है, तो वह अचानक फटने जैसी आवाज के साथ उछल जाती है। देखने में ऐसा लगता है जैसे वह बारूद की तरह फट गई हो।
क्या आपने इस घटना को देखा है? अगर देख है तो क्या आपका दिमाग इस पर गया कि भला ऐसा क्यों होता है? अगर नहीं तो चलिए आपको बता देत हैं कि असल में इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण होता है।
मकड़ी के शरीर का बड़ा हिस्सा पानी और नमी से बना होता है। जब वह आग में जलती है तो उसके शरीर का पानी बहुत तेजी से गरम होता है और पानी भाप (Steam) बन जाता है।
आग के संपर्क में आते ही भाप अंदर ही अंदर दबाव बना लेती है। यही दबाव जब ज्यादा हो जाता है, तब उसका शरीर अचानक से फट जाता है। बस इसी वजह से उसके शरीर के फटने पर किसी विस्फोट की तरह आवाज आती है।
मकड़ी के शरीर के अंदर हवा, गैस और तरल पदार्थ भी मौजूद होते हैं। आग लगते ही ये सब तेजी से फैलते हैं और जब फैलने की जगह नहीं मिलती, तो शरीर किसी बम की तरह ब्लास्ट करते हुए फट जाता है।
मकड़ी की त्वचा बहुत ही पतली और नाज़ुक होती है। जब अंदर दबाव बढ़ता है, तो वह सहन नहीं कर पाती और फट जाती है इसलिए यह किसी छोटे धमाके की तरह लगता है।
बता दें कि मकड़ी में कोई बारूद नहीं होता और ना ही कोई केमिकल होता है। ऐसा सिर्फ गर्मी, भाप और दबाव के कारण होता है। यह घटना देखने में डरावनी लगती है। लोग सोचते हैं कि मकड़ी के शरीर में बारूद जैसा कोई केमिकल होता होगा लेकिन असल में यह सिर्फ शरीर के अंदर की नमी का रिएक्शन होता है।