सावधान! आधार कार्ड को लेकर भूलकर भी न करें ये काम, एक गलती खिला सकती है जेल की हवा

Aadhaar Card Rules: आधार कार्ड भारतीय नागरिकों के लिए उनकी पहचान को सत्यापित करने का एक सरकारी डॉक्यूमेंट है। आपके पास भी आधार कार्ड होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं सरकार की ओर से आधार को लेकर भी कुछ नियम बनाए गए हैं। इन नियमों का उल्लंघन करने पर अधिकतम 10 साल की जेल और 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। आइए जानते हैं आधार अधिनियम, 2016 में कौन-से अपराध और दंड निर्धारित किए गए हैं-

अगर कोई व्यक्ति नामांकन के समय गलत जनसांख्यिकीय या बायोमेट्रिक जानकारी देता है तो इसे अपराध माना जाता है। इसके लिए 3 साल तक की जेल या 10000 रुपए तक का जुर्माना या दोनों लग सकते हैं। फोटो-UIDAI
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अगर कोई व्यक्ति नामांकन के समय गलत जनसांख्यिकीय या बायोमेट्रिक जानकारी देता है तो इसे अपराध माना जाता है। इसके लिए 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपए तक का जुर्माना, या दोनों लग सकते हैं। (फोटो-UIDAI)

अगर कोई व्यक्ति यह दिखावा करता है कि वह आधार जानकारी एकत्र करने के लिए अधिकृत है तो इसे भी अपराध माना जाता है। इसमें 3 साल तक की जेल या 10000 रुपए का जुर्माना और कंपनी के लिए 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है।
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अगर कोई व्यक्ति यह दिखावा करता है कि वह आधार जानकारी एकत्र करने के लिए अधिकृत है तो इसे भी अपराध माना जाता है। इसमें 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपए का जुर्माना और कंपनी के लिए 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है।

किसी आधार संख्या धारक की जनसांख्यिकीय या बायोमेट्रिक जानकारी बदलना या बदलने की कोशिश करना भी अपराध है। इसके लिए 3 साल की जेल और 10000 रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
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किसी आधार संख्या धारक की जनसांख्यिकीय या बायोमेट्रिक जानकारी बदलना या बदलने की कोशिश करना भी अपराध है। इसके लिए 3 साल की जेल और 10,000 रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

नामांकन या प्रमाणीकरण के दौरान मिली जानकारी को जानबूझकर किसी अनधिकृत व्यक्ति को देना या नियमों का उल्लंघन करना भी अपराध है। इसके लिए 3 साल तक की जेल या 10000 रुपए तक का जुर्माना और कंपनी के लिए 1 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
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नामांकन या प्रमाणीकरण के दौरान मिली जानकारी को जानबूझकर किसी अनधिकृत व्यक्ति को देना या नियमों का उल्लंघन करना भी अपराध है। इसके लिए 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपए तक का जुर्माना और कंपनी के लिए 1 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

कोई संस्था जो पहचान संबंधी जानकारी मांगती है और अगर उसका अनधिकृत उपयोग करती है इसे तो अपराध माना जाता है। व्यक्ति के लिए 3 साल तक की जेल या 10000 रुपए तक का जुर्माना और कंपनी के लिए 1 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
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कोई संस्था जो पहचान संबंधी जानकारी मांगती है और अगर उसका अनधिकृत उपयोग करती है इसे तो अपराध माना जाता है। व्यक्ति के लिए 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपए तक का जुर्माना और कंपनी के लिए 1 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

केंद्रीय पहचान डेटा भंडार CDR में बिना अनुमति प्रवेश या हैकिंग करना एक गंभीर अपराध है। इसके लिए 10 साल तक की जेल और कम से कम 10 लाख रुपए का जुर्माना निर्धारित है।
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केंद्रीय पहचान डेटा भंडार (CDR) में बिना अनुमति प्रवेश या हैकिंग करना एक गंभीर अपराध है। इसके लिए 10 साल तक की जेल और कम से कम 10 लाख रुपए का जुर्माना निर्धारित है।

अगर कोई व्यक्ति CDR में मौजूद डेटा के साथ छेड़छाड़ करता है तो यह भी अपराध माना जाएगा। इसके लिए 10 साल तक की जेल और 10000 रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
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अगर कोई व्यक्ति CDR में मौजूद डेटा के साथ छेड़छाड़ करता है तो यह भी अपराध माना जाएगा। इसके लिए 10 साल तक की जेल और 10,000 रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

अगर कोई ऐसा अपराध होता है जिसके लिए कहीं और विशेष दंड नहीं लिखा है तो उसके लिए भी दंड तय है। इसमें व्यक्ति के लिए 3 साल की जेल या 25000 रुपए का जुर्माना और कंपनी के लिए 1 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
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अगर कोई ऐसा अपराध होता है जिसके लिए कहीं और विशेष दंड नहीं लिखा है, तो उसके लिए भी दंड तय है। इसमें व्यक्ति के लिए 3 साल की जेल या 25,000 रुपए का जुर्माना और कंपनी के लिए 1 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

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