रेलवे का कहना है कि जिन ट्रेनों को सुपरफास्ट का दर्जा दिया गया था, वे असल में कई स्टेशनों पर रुकने की वजह से सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों जैसी ही गति से चल रही थीं। इसके बावजूद यात्रियों से सुपरफास्ट सरचार्ज वसूला जा रहा था। अब किराया तर्कसंगत बनाने के लिए इन ट्रेनों की श्रेणी बदली जा रही है।
यह नई व्यवस्था 13 अप्रैल से 16 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों में लागू होगी। श्रेणी बदलने के साथ-साथ इन सभी ट्रेनों के पुराने नंबर भी बदल दिए जाएंगे। हालांकि, ट्रेनों के रूट और ठहराव में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
प्रयागराज रामबाग से हावड़ा जाने वाली विभूति एक्सप्रेस (12334) अब 14 अप्रैल 2026 से नए नंबर 13048 के साथ चलेगी। वहीं हावड़ा से प्रयागराज रामबाग जाने वाली विभूति एक्सप्रेस (12333) का नंबर बदलकर 13047 कर दिया गया है, जो 13 अप्रैल से प्रभावी होगा।
इसी तरह हावड़ा से कालका जाने वाली प्रसिद्ध नेताजी एक्सप्रेस (12311) अब 13 अप्रैल से नए नंबर 13051 के साथ चलेगी। कालका से हावड़ा जाने वाली नेताजी एक्सप्रेस (12312) को 15 अप्रैल से 13052 नंबर दिया जाएगा।
फिलहाल सुपरफास्ट ट्रेनों में जनरल, स्लीपर और एसी कोच के यात्रियों से अतिरिक्त सुपरफास्ट सरचार्ज लिया जाता है। उदाहरण के तौर पर, विभूति एक्सप्रेस में पहले स्लीपर क्लास के लिए 30 रुपये और एसी थर्ड व सेकेंड क्लास के लिए 45 रुपये अतिरिक्त देने पड़ते थे। 13 अप्रैल के बाद इन ट्रेनों से सुपरफास्ट टैग हटने के साथ यह अतिरिक्त शुल्क भी समाप्त हो जाएगा।
यात्रियों का लंबे समय से कहना था कि जब ये ट्रेनें दर्जनों स्टेशनों पर रुकती हैं और उनकी औसत गति सुपरफास्ट मानकों पर खरी नहीं उतरती, तो अतिरिक्त शुल्क लेना उचित नहीं है।
रेलवे ने अब इस विसंगति को दूर करने का फैसला लिया है। इससे न केवल किराया कम होगा, बल्कि रेल यात्रियों को सीधी आर्थिक राहत भी मिलेगी।