प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार जल्द ही 22वीं किस्त जारी कर सकती है, लेकिन जिन किसानों ने अब तक ई-केवाईसी और भूलेख सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी किस्त रोकी जा सकती है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं, हालांकि हाल ही में बिहार के किसानों के लिए यह राशि 9,000 रुपये की गई है यानी बिहार के किसानों को अब प्रत्येक किस्त में 2,000 रुपये की जगह 3,000 रुपये मिलेंगे।
सरकार के मुताबिक, कुछ अपात्र लोग भी योजना का लाभ ले रहे थे। इसी वजह से पारदर्शिता बनाए रखने और सही किसानों तक पैसा पहुंचाने के लिए ई-केवाईसी और भूमि रिकॉर्ड सत्यापन को अनिवार्य कर दिया गया है। जिन किसानों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी अगली किस्त रोकी जा सकती है।
किसान आसानी से घर बैठे ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। होमपेज पर दिख रहे “e-KYC” विकल्प पर क्लिक करें।
अब अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज कर सर्च पर क्लिक करें। इसके बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी दर्ज करते ही ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
अगर आप पीएम किसान योजना की अगली किस्त बिना किसी रुकावट पाना चाहते हैं, तो समय रहते ई-केवाईसी, फार्मर आईडी और भूलेख सत्यापन जरूर करा लें। तय प्रक्रिया पूरी न होने पर आपकी किस्त रोकी जा सकती है, इसलिए देरी न करें और योजना का पूरा लाभ उठाएं।
पीएम किसान की 22वीं किस्त का इंतजार देश के करीब 9 करोड़ किसान कर रहे हैं लेकिन सरकार ने अभी तक इसकी कोई तय तारीख नहीं बताई है, हालांकि उम्मीद की जा रही है कि होली से पहले किसानों के खाते में पैसे आ जाएंगे, क्योंकि प्रत्येक चार महीने पर एक किस्त आती है और पिछले साल नवंबर में 21वीं किस्त जारी हुई थी।