सामाजिक न्याय के पुरोधा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर हम आपको 5 ऐसी जगहों के बारे में बताएंगे जिन्हें अंबेडकर पंचतीर्थ के नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं इनके बारे में...
महू को अब डॉ. अंबेडकर नगर के नाम से जाना जाता है। यह डॉक्टर अंबेडकर की जन्मस्थली है। अंबेडकर जयंती पर यहां विशेष आयोजन होते हैं। स्मारक स्थल इतिहास और प्रेरणा से भरा है, जहां घूमते हुए पर्यटक उनके जीवन की शुरुआत को करीब से महसूस कर सकते हैं।
नागपुर की दीक्षाभूमि वह पवित्र स्थान है, जहां डॉक्टर अंबेडकर ने 1956 में बौद्ध धर्म अपनाया था। अंबेडकर जयंती पर यहां लाखों लोग पहुंचते हैं। यहा मौजूद विशाल स्तूप और शांत वातावरण आध्यात्मिक अनुभव देते हैं, जो यात्रियों के लिए आस्था और इतिहास का अनोखा संगम है।
मुंबई के दादर स्थित चैत्यभूमि अंबेडकर जी का अंतिम विश्राम स्थल है। अंबेडकर जयंती पर यहां श्रद्धांजलि देने हजारों लोग आते हैं। समुद्र किनारे स्थित यह जगह शांति और सम्मान का प्रतीक है, जहां पर्यटक उनके योगदान को याद करते हुए भावुक हो जाते हैं।
लंदन का यह ऐतिहासिक घर वह स्थान है, जहां भीमराव अंबेडकर अपने अध्ययन के दौरान रहे। आज इसे संग्रहालय के रूप में संरक्षित किया गया है। अंबेडकर जयंती पर आप यहां आकर उनके वैश्विक शिक्षा सफर को समझ कर उनके अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से प्रेरणा ले सकते हैं।
दिल्ली का 26, अलीपुर रोड डॉक्टर अंबेडकर का अंतिम निवास स्थान रहा है। इसे अव राष्ट्रीय स्मारक में तब्दील कर दिया गया है। अंबेडकर जयंती के खास दिन आप यहां जाकर उनके विचारों को जानने का प्रयास कर सकते हैं।